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झारखंड आवास बोर्ड में नहीं होता तबादला, दशकों से एक ही जगह पर पदस्थापित हैं 40 कर्मी

आवास बोर्ड मुख्यालय में 33 वर्षों से पदस्थापित कर्मी भी हैं. अपवादों को छोड़ कर मुख्यालय में पदस्थापित सभी नियमित कर्मी पांच वर्ष से अधिक समय से वहीं काम कर रहे हैं.

झारखंड राज्य आवास बोर्ड में कर्मियों का तबादला नहीं होता है. बोर्ड के कुल 75 कर्मियों में से 40 कर्मचारी 10 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित हैं. शेष 35 कर्मियों में से भी 20 कर्मचारी भी एक ही जगह पर पिछले चार से नौ वर्षों तक पदस्थापित रहे हैं. इन कर्मियों में नियमित, संविदा और दैनिक श्रमपुस्त पर कार्यरत तीनों ही तरह के कर्मचारी शामिल हैं. बोर्ड मुख्यालय से लेकर विभिन्न प्रमंडलों तक में कार्यरत लिपिक, कंप्यूटर ऑपरेटर, चौकीदार, अनुसेवक से लेकर स्वीपर तक दशकों से एक ही जगह पर काम कर रहे हैं. ऐसे भी कर्मी हैं, जिनका नौकरी पाने के बाद कभी तबादला नहीं हुआ और अब वे सेवानिवृत्त भी होनेवाले हैं.

मुख्यालय में लंबे समय से कार्यरत हैं नियमित कर्मी

आवास बोर्ड मुख्यालय में 33 वर्षों से पदस्थापित कर्मी भी हैं. अपवादों को छोड़ कर मुख्यालय में पदस्थापित सभी नियमित कर्मी पांच वर्ष से अधिक समय से वहीं काम कर रहे हैं. उच्चवर्गीय लिपिक शंकर गोप 16 सालों से, समर कुमार गुप्ता 10 साल से, अनिल कुमार 13 साल से, निम्न वर्गीय लिपिक मनोज कुमार 10 साल से, शशि कुमार मिश्र 15 साल से, विनोद कुमार नौ साल से, संजीव कुमार 10 साल से, अनुसेवक महेंद्र सिंह, विजय पासवान व मेघनाथ 17 साल से, चालक अरुण कुमार ठाकुर 10 साल से कार्यरत हैं. मुख्यालय में पदस्थापित कंप्यूटर ऑपरेट मो अरशद हुसैन 10 साल से और रमेश कुमार 19 साल से संविदा पर वहीं काम कर रहे हैं. वहीं, रांची प्रमंडल के अनुसेवक अशोक पासवान पिछले 33 वर्षों से बोर्ड मुख्यालय में प्रतिनियुक्ति पर हैं.

प्रमंडलों में तबादलों की जद से दूर हैं कर्मचारी

बोर्ड के प्रमंडलों में कार्यरत कर्मी भी तबादले की जद से दूर रहते हैं. रांची प्रमंडल में निम्न वर्गीय लिपिक अजय कुमार साह 12 साल से, संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर संजीव कुमार 13 साल से, अनुसेवक देव चरण चीक बड़ाइक 14 साल से, चौकीदार सुरेंद्र राय 29 साल से, लठिया उरांव व कपिल राय 33 साल से, अनुसेवक अशोक पासवान 33 साल से, जलेश्वर मुंडा 14 साल से, जीरा देवी 17 साल से, खानसामा श्याम नारायण चौधरी 15 साल से कार्यरत हैं. जमशेदपुर प्रमंडल में निम्न वर्गीय लिपिक हरेंद्र कुमार भट्ट व अजय कुमार 18 साल से, आभाष कुमार 11 साल से, धनबाद प्रमंडल में रामस्वरूप सिंह 15 साल से, कंप्यूटर ऑपरेटर कार्तिक कुमार 11 साल से कार्यरत हैं. इनके अलावा भी चार वर्षों से अधिक समय से कार्यरत कर्मियों की काफी संख्या है.

भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है बोर्ड

आवास बोर्ड में कर्मियों का तबादला नहीं होने का सीधा असर वहां की कार्यशैली में देखा जा सकता है. एक ही जगह पर वर्षों से पदस्थापित कर्मचारियों ने गिरोह बना लिया है. कर्मचारी आवंटियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं. बोर्ड में बिना चढ़ावा के कोई काम नहीं होता है. फाइलों की मूवमेंट के लिए रेट फिक्स कर दिया गया है. कर्मी बिना किसी लिहाज के आवंटियों से चढ़ावे की मांग करते हैं. चढ़ावा नहीं मिलने तक फाइलों को उलझा कर रखा जाता है. कई बार बिना उचित कारण के आवेदन रिजेक्ट भी कर दिया जाता है. बोर्ड में पदस्थापित कई कर्मियों के बारे में आम लोगों ने लिखित शिकायत भी की है. हालांकि, शिकायतों की जांच कराने या कार्रवाई की जरूरत कभी नहीं समझा गया है.

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