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झारखंड हाईकोर्ट का हेमंत सोरेन को राहत देने से इंकार, ईडी के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे झामुमो नेता

Updated at : 01 Feb 2024 11:35 AM (IST)
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झारखंड हाईकोर्ट का हेमंत सोरेन को राहत देने से इंकार, ईडी के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे झामुमो नेता

हेमंत सोरेन की ओर से बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गई है. इसलिए वह हाईकोर्ट से केस वापस लेना चाहते हैं. सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका को 2 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है.

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल याचिका वापस लेने का फैसला किया है. इसके साथ ही हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर दी है, जिस पर कल यानी 2 फरवरी को सुनवाई होगी. झारखंड के पूर्व सीएम ने महाधिवक्ता के जरिए हाईकोर्ट से याचिका वापस लेने का आग्रह किया है. याचिका वापस लेने वाली अर्जी पर दोपहर 2:15 बजे सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की एसएलपी, कल होगी सुनवाई

याचिकाकर्ता हेमंत सोरेन की ओर से बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गई है. इसलिए वह हाईकोर्ट से केस वापस लेना चाहते हैं. सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका को 2 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है. हेमंत सोरेन की ओर से बुधवार (31 जनवरी) को हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी.

झारखंड हाईकोर्ट का हेमंत सोरेन को राहत देने से इंकार

इसके पहले झारखंड हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एस चंद्रशेखर और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने कोर्ट नंबर-2 में हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई की. टेक्निकल ग्राउंड पर कोर्ट ने हेमंत सोरेन को राहत देने से इंकार कर दिया.

टेक्निकल ग्राउंड पर सोरेन को नहीं मिली राहत

खंडपीठ ने कहा कि प्रतिवादी (ईडी) को सूचना और नोटिस दिए बगैर मामले की सुनवाई नहीं हो सकती. टेक्निकल ग्राउंड पर हेमंत सोरेन को किसी प्रकार की राहत देने से इंकार कर दिया. इसके बाद महाधिवक्ता ने खंडपीठ को बताया सुप्रीम कोर्ट में भी उनकी याचिका सूचीबद्ध है. इसलिए वह अपनी याचिका वापस लेना चाहते हैं. कोर्ट ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी.

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ईडी के खिलाफ हेमंत सोरेन ने दाखिल की थी हाईकोर्ट में याचिका

बता दें कि हेमंत सोरेन की ओर से ईडी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए कहा गया कि आपने प्रतिवादी को मामले की जानकारी नहीं दी है. न ही उसे नोटिस किया गया है. ऐसे में यह केस सुनवाई के योग्य नहीं है. हालांकि, कोर्ट ने उन्हें आईए दाखिल कर याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी. याचिका वापस लेने वाली याचिका पर 2:15 बजे सुनवाई होगी.

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2 फरवरी को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए सहमत हुई. कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि धनशोधन मामले में गिरफ्तार झामुमो नेता हेमंत सोरेन हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस ले लेंगे.

चंपई सोरेन का नाम नए मुख्यमंत्री के लिए प्रस्तावित किया गया

हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ईडी ने कथित भूमि धोखाधड़ी मामले से जुड़े धनशोधन के आरोपों में बुधवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया था. इस्तीफे से पहले करीब आठ घंटे तक ईडी की टीम ने उनसे पूछताछ की थी. झारखंड के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन का नाम मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तावित किया गया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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