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झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने 23-24 जुलाई के लिए जारी किया Red Alert

Updated at : 20 Jul 2025 5:59 PM (IST)
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Jharkhand Heavy Rain

झारखंड में 2 दिन तक भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट.

Jharkhand Heavy Rain: झारखंड में 23 और 24 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग की ओर से इस संबंध में रेड अलर्ट जारी किया गया है. आज ही जान लें कि आने वाले दिनों में किन जिलों में भारी बारिश होने वाली है. बारिश का कृषि और जनजीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है और सुरक्षा के क्या उपाय करने चाहिएं.

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Jharkhand Heavy Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने झारखंड में 23 और 24 जुलाई को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने कहा है कि 2 दिन तक भारी से अत्यंत भारी बारिश होगी. रांची स्थित मौसम केंद्र ने कहा है कि झारखंड में 23 और 24 जुलाई को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग ने रविवार 20 जुलाई को एक स्पेशल बुलेटिन जारी करके कहा है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है.

सक्रिय है मानसून ट्रफ

मौसम केंद्र ने कहा है कि सक्रिय मानसून ट्रफ (Monsoon Trough), वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र), उत्तरी बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावनाओं के मद्देनजर झारखंड का मौसम बदलेगा. कुछ जगहों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश होगी.

वर्षा का खेती, यातायात पर पड़ सकता है बड़ा असर

मौसम केंद्र के प्रमुख अभिषेक आनंद ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) को बताया कि इस मौसमी सिस्टम की वजह से क्षेत्र में नमी और हवाएं संगठित होकर ऊपर उठेंगीं और मेघ गर्जन और वर्षा को बढ़ायेंगे. इसकी वजह से सामान्य जनजीवन, खेती और यातायात पर बड़ा असर पड़ सकता है.

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23 जुलाई 2025 को किन जिलों में सबसे ज्यादा असर?

सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, देवघर, जमुई, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है.

24 जुलाई 2025 को इन जिलों में सबसे ज्यादा असर

24 जुलाई 2025 को पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेल-खरसावां जिले में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है.

इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश-वज्रपात संभव

बोकारो, धनबाद, देवघर, जमुई, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिले में भी भारी वर्षा का खतरा है. इन जिलों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा तक) भी चल सकती हैं, जिससे पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने, और जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.

कृषि, पशुपालन एवं जनजीवन पर क्या होगा असर?

  • कृषि : खेतों में जलभराव से धान, मक्का, दाल आदि खरीफ फसलों को नुकसान हो सकता है. बोयी गयी फसलों का अंकुरण प्रभावित हो सकता है. सब्जियों के सड़ने की आशंका है.
  • पशुपालन : मवेशियों को सुरक्षित आश्रय में रखें और खुली जगह पर न छोड़ें.
  • जनजीवन : जिलों में सड़क और रेल परिवहन, बिजली, पानी की आपूर्ति व स्कूल-कॉलेज प्रभावित हो सकते हैं.

बचाव एवं सुझाव

मौसम विभाग ने प्रशासन एवं नागरिक दोनों सतर्क रहने की सलाह दी है. कहा है कि सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. किसान फसलों की रक्षा के लिए खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंधन करें और घर में रखी गयी सब्जियों-फलों को सुरक्षित स्थान पर रखें. मौसम विभाग ने कहा है कि अनावश्यक यात्रा का जोखिम न लें.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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