झारखंड की पहली महिला डीजीपी बनीं तदाशा मिश्रा, अनुराग गुप्ता का इस्तीफा मंजूर

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बायीं ओर तदाशा मिश्रा और दायें ओर अनुराग गुप्ता

Jharkhand DGP: झारखंड सरकार ने डीजीपी अनुराग गुप्ता का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. उनकी जगह 1994 बैच की झारखंड कैडर की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा को राज्य की नई प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया गया. यह झारखंड में पहली बार है जब किसी महिला आईपीएस को पुलिस विभाग का सर्वोच्च पद सौंपा गया है.

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Jharkhand DGP, रांची : झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता का इस्तीफा राज्य सरकार ने मंजूर कर लिया है. उनकी जगह अब 1994 बैच की झारखंड कैडर की आईपीएस अफसर तदाशा मिश्रा को नया प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया गया है. यह झारखंड में पहली बार है जब किसी महिला आईपीएस को पुलिस विभाग के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इससे पहले वे गृह विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थीं. राज्य सरकार ने आदेश जारी कर उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रभारी डीजीपी का दायित्व सौंपा है. साथ ही पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता को 6 नवंबर 2025 से सेवानिवृत्त मानकर रिटायरमेंट के बाद दिये जाने वाले सभी अधिकार और लाभों से संबंधित आदेश भी जारी कर दिया गया है.

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तीन फरवरी 2025 को को सौंपा गया था अनुराग गुप्ता को नियमित डीजीपी का प्रभार

मंगलवार की रात को झारखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता ने डीजीपी के पद से इस्तीफा दे दिया था. वर्ष 2022 में अनुराग गुप्ता को डीजी रैंक में पदोन्नति दी गयी थी. इसके बाद उन्हें पहली बार 26 जुलाई 2024 को झारखंड का प्रभारी डीजीपी बनाया गया था. हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया, लेकिन 28 नवंबर 2024 को दोबारा डीजीपी नियुक्त किया गया. बाद में तीन फरवरी 2025 को उन्हें नियमित डीजीपी के रूप में कार्यभार सौंपा गया था. उनका कार्यकाल फरवरी 2027 तक के लिए निर्धारित था. हालांकि, 22 अप्रैल 2025 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर अनुराग गुप्ता की डीजीपी पद पर नियुक्ति को “नियमसम्मत नहीं” बताया था.

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बाबूलाल मरांडी ने उठाया था सवाल

इससे पहले बाबूलाल मरांडी ने भी आईपीएस अधिकारी अनुराग की नियुक्ति पर सवाल उठाया था. उनका कहना था कि यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उल्लंघन है. डीजीपी की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से अनुशंसित पैनल से होगी. फिर भी हेमंत सोरेन की सरकार ने यूपीएससी को दरकिनार कर अपनी मर्जी से अनुराग गुप्ता को डीजीपी नियुक्त कर दिया. यूपीएससी ने जिन लोगों के नामों की अनुशंसा की थी, उस लिस्ट में अनुराग गुप्ता का नाम नहीं था.

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