झारखंड के हर सदर अस्पताल में बनेगा 100 बेड का 'मदर एंड चाइल्ड' सेंटर, प्राइवेट हॉस्पिटल्स जैसी मिलेंगी सुविधाएं

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झारखंड के हर जिले में बनेगा मदर एंड चाइल्ड सेंटर

झारखंड के हर जिले में बनेगा मदर एंड चाइल्ड सेंटर, Pic Credit- AI

झारखंड के सभी सदर अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सी-विंग (मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल) खोले जाएंगे. इन अस्पतालों में उच्च जोखिम वाले नवजात शिशुओं के लिए 24/7 नवजात गहन देखभाल सुविधा के साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आएगी.

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रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट

रांची : झारखंड के सभी सदर अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए अत्याधुनिक सी-विंग (मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल) खोले जायेंगे. इन अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव, नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, महिलाओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के साथ ही आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी. निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिये हैं. डॉ अंसारी ने कहा कि अस्पतालों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता को लेकर सभी तरह की तैयारियां की जा रही है. इस परियोजना के तहत स्थापित इन अस्पतालों में विशेषज्ञ स्त्री एवं प्रसूति रोग चिकित्सक, शिशु रोग विशेषज्ञ, प्रशिक्षित नर्सें, आधुनिक लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) होंगी. इससे उच्च जोखिम वाले नवजात शिशुओं के लिए 24/7 नवजात गहन देखभाल सुविधा के साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा महिलाओं को अपने ही जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी.

प्रसव के लिए हर जिला में 100 बेड का स्पेशल केयर सेंटर

सी सेक्शन के लिए उच्चतम मानकों का पालन करने वाले 100 बेड का सेंटर हर अस्पताल में होगा. सदर अस्पतालों में प्रसव में सी सेक्शन (आपरेशन से प्रसव) के मामले ज्यादा मामले आते हैं. अकेले रांची सदर अस्पताल में गत माह 680 डिलीवरी हुई थी, इनमें से 422 सी-सेक्सन (सर्जरी) डिलीवरी कराई गयी थी. अब सरकार का लक्ष्य सी सेक्शन को सदर अस्पताल से नीचे के अस्पतालों और हेल्थ सेंटर तक लाना है, जिसके लिए हर जिला में एक स्पेशल सेंटर खोला जाएगा, जहां सी सेक्शन प्रसव होगा. सब सेंटर और सीएचसी में भी दो वर्षों में मोटराइज्ड टेबल, ऑपरेशन थिएटर लाइट और सी-आर्म इमेजिंग से सुसज्जित ओटी में सी सेक्शन आपरेशन करने का लक्ष्य है.

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सी-विंग अस्पताल की प्रमुख सुविधाएं

  • गर्भवती महिलाओं के लिए अलग सी-विंग ब्लॉक
  • मां और बच्चे की संपूर्ण देखभाल एक ही परिसर में
  • आधुनिक उपकरण, स्वच्छ माहौल और बेहतर सुविधाएं
  • प्रसव के लिए आधुनिक लेबर रूम एवं ऑपरेशन थिएटर
  • नवजात शिशुओं के लिए विशेष एनआईसीयू देखभाल इकाई
  • एक्सपर्ट डॉक्टरों, अनुभवी नसों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की उपलब्धता

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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