झारखंड-बिहार ने 21 साल पुराना विवाद निबटाया, नये प्लांट से 40% बिजली बिहार को मिलेगी

Updated at : 06 Aug 2022 9:33 AM (IST)
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झारखंड-बिहार ने 21 साल पुराना विवाद निबटाया, नये प्लांट से 40% बिजली बिहार को मिलेगी

टीवीएनएल का स्वामित्व अब झारखंड सरकार को हस्तांतरित किया जायेगा. टीवीएनएल की भविष्य में बननेवाली नयी इकाई से उत्पादित 40 प्रतिशत बिजली बिहार को दी जायेगी. बिहार सरकार द्वारा अपने हिस्से की बिजली खरीदने से इनकार करने पर झारखंड सरकार को इस बिजली को दूसरे राज्यों को बेचने का अधिकार होगा.

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रांची: टीवीएनएल(TVNL) का स्वामित्व अब झारखंड सरकार को हस्तांतरित किया जायेगा. टीवीएनएल की भविष्य में बननेवाली नयी इकाई से उत्पादित 40 प्रतिशत बिजली बिहार को दी जायेगी. बिहार सरकार द्वारा अपने हिस्से की बिजली खरीदने से इनकार करने पर झारखंड सरकार को इस बिजली को दूसरे राज्यों को बेचने का अधिकार होगा.

झारखंड व बिहार के ऊर्जा सचिवों के बीच इस विचार-विमर्श के बाद तैयार किये गये समझौते से संबंधित दस्तावेज में इस बात का उल्लेख किया गया है. समझौता पत्र पर तीन अगस्त 2022 को झारखंड के ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार और बिहार के ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव संजीव हंस ने हस्ताक्षर किये हैं. इस समझौता पत्र को सुप्रीम कोर्ट को सौंप कर बता दिया गया है कि आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट हो गया है. इसके साथ ही वर्ष 2008 में दायर एसएलपी का का निष्पादन हो गया है.

क्या है पूरा मामला

विद्युत उत्पादक कंपनी तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड(TVNL) का गठन संयुक्त बिहार में 26.11.1987 को किया गया था. इस कंपनी का बोकारो जिले के ललपनिया में तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन(टीटीपीएस) है, जिसकी क्षमता 420 मेगावाट की है. 15 नवंबर 2000 को बिहार से झारखंड अलग राज्य बना. तब टीवीएनएल के स्वामित्व को लेकर दोनों राज्यों ने अपना-अपना दावा किया. बाद में इसने बड़े विवाद का रूप ले लिया. विभिन्न अदालतों में मुकदमा चलता रहा और फिर मामला सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी के रूप में गया. सुप्रीम कोर्ट द्वारा कहा गया था कि आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट यदि होता है, तो किया जा सकता है. कई दौर की बैठकों के बाद आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट पर सहमति बनी. इसके लिए 21.2.2022 को बिहार व झारखंड के महाधिवक्ता व ऊर्जा सचिवों के बीच बैठक हुई थी. जिसमें सभी मुद्दों को सुलझाया गया.

समझौते के अहम बिंदु

  • टीवीएनएल के पटना ऑफिस में मौजूद स्टेशनरी और फर्नीचर झारखंड को सौंप दिये जायेंगे.

  • बिजली लेने के लिए वर्तमान ट्रांसमिशन लाइन से अथवा दोनों राज्यों की सहमति से नयी ट्रांसमिशन लाइन बनायी जा सकती है.

  • बिहार द्वारा निर्धारित 40% बिजली नहीं लेने की स्थिति में झारखंड अन्यत्र बेचने के लिए स्वतंत्र होगा.

  • वर्तमान में चल रहे केस को उठाने को बाद बिहार भविष्य में फिर कभी टीवीएनएल के स्वामित्व पर दावा नहीं कर सकता.

  • टीटीपीएस द्वारा भविष्य में स्टेज टू के तहत 660 मेगावाट की दो यूनिट बनने पर इससे उत्पादित 40 प्रतिशत बिजली बिहार को दी जायेगी. टैरिफ का निर्धारण रेगुलेटरी कमीशन द्वारा किया जायेगा. टीवीएनएल के कुल निवेश, कर्ज और खर्च का बंटवारा बिहार पुनर्गठन अधिनियम की शर्तों के तहत होगा. इसमें झारखंड द्वारा बिहार को दी जा रही बिजली की कीमत शामिल नहीं होगी. फिलहाल टीवीएनएल के टीटीपीएस का संचालन झारखंड सरकार के नियंत्रण में हो रहा है.

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