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सरना कोड को मिलेगी मान्यता, सीजीएल परीक्षा होगी रद्द, झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले आजसू का वादा

Updated at : 09 Nov 2024 12:14 PM (IST)
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sudesh mahto ajsu election manifesto

आजसू पार्टी के नेताओं ने जारी किया घोषणा पत्र. फोटो में (दाएं से बाएं) चंद्रप्रकाश चौधरी, सुदेश कुमार महतो, रामचंद्र सहित और लंबोदर महतो. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand Assembly Elections: झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए आजसू ने भी संकल्प पत्र जारी कर दिया है. सरना कोड, सीजीएल परीक्षा पर क्या है पार्टी का रुख, पढ़ें.

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Jharkhand Assembly Elections: ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि हमारी पार्टी अगर सत्ता में आती है तो सरना धर्म कोड को मान्यता दी जायेगी. धांधली को देखते हुए स्टाफ सेलेक्शन कमीशन द्वारा आयोजित सीजीएल परीक्षा को रद्द किया जायेगा.

75 प्रतिशत पद स्थानीय लोगों के लिए किया जाएगा आरक्षित

आजसू ने कहा है कि सरकार की जमीन पर बने सभी कंपनियों में 75 प्रतिशत पद स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित किया जायेगा. हर प्रखंड में नियोजनालय की स्थापना की जायेगी. जहां सभी बेरोजगार युवक युवतियों को रोजगार, नौकरी, इंटर्नशिप व सहयोग राशि के लिए पंजीकृत किये जायेंगे.श्री महतो शुक्रवार को पार्टी का घोषणा पत्र जारी करने के बात अपनी बातें रख रहे थे.

ग्राम पंचायतों को किया जायेगा मजबूत

सुदेश कुमार महतो ने कहा कि ग्राम पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियां देकर मजबूत बनाया जायेगा. आजसू पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया है कि गांव के विकास का फैसला गांव के लोग ही करेंगे. पेसा कानून को मजबूती के साथ लागू किया जायेगा. रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए भ्रष्टाचार निवारण समिति का गठन किया जायेगा.

सेवा का अधिकार कानून तथा सूचना अधिकार कानून को सख्ती से लागू किया जायेगा. जाति, आय, आवासीय व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. बल्कि ये प्रमाण पत्र घर में ही डिलीवर कराया जायेगा.

भाषा संस्कृति एवं विरासत की होगी रक्षा

हो, मुंडारी, कुड़माली भाषा को आठवीं सूची में शामिल कराने एवं सभी क्षेत्रीय भाषा के विकास के लिए इन्हें स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा. झारखंड आंदोलनकारी परिवार के लिए सरकारी नौकरी में आरक्षण की व्यवस्था की जायेगी.

जल जंगल जमीन की होगी रक्षा

झारखंड में धरती योजना प्रारंभ की जायेगी. जिसमें जमीनों के खरीद बिक्री को सीधे दाखिल खारिज से जोड़ा जायेगा. हर अंचलाधिकारी को सहायक निबंधक की शक्तियां दी जायेगी. जिसमें जमीन के रजिस्ट्री के समय ही इसका दाखिल खारिज करा दिया जायेगा. इससे घूसखोरी पर लगाम लगेगी. हर रैयत को एक भूमि पासबुक दिया जायेगा. इससे कोई भी गलत तरीके से किसी की जमीन नहीं हड़प सकेगा.

आजसू ने कहा है कि जिन खदानों में खनन कार्य समाप्त हो चुका है, उस जमीन को पूर्व की स्थिति में लाकर उसे रैयत को वापस दिलाया जाएगा. निजी कंपनियों द्वारा रैयतों की जमीन लिये जाने पर मुआवजा एवं नौकरी के अलावा कंपनी में हिस्सेदारी का प्रावधान किया जायेगा.

जमीन घोटाले की जांच के लिए बनाएंगे जांच आयोग

रैयतों के अधिग्रहित जमीन जिस पर लंबे समय से कोई कार्य नहीं हुआ है. ऐसे जमीन रैयतों को वापस करायी जायेगी. राज्य के जमीन घोटाले की जांच के लिए जांच आयोग का गठन किया जायेगा. गलत तरीके से हड़पी व हस्तांतरित जमीन मूल रैयत को वापस करायी जायेगी. राज्य में पेयजल संकट की समस्या के समाधान के लिए खाली जगहों पर बड़े बड़े जलाशयों का निर्माण कराया जायेगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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