सरना कोड को मिलेगी मान्यता, सीजीएल परीक्षा होगी रद्द, झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले आजसू का वादा

आजसू पार्टी के नेताओं ने जारी किया घोषणा पत्र. फोटो में (दाएं से बाएं) चंद्रप्रकाश चौधरी, सुदेश कुमार महतो, रामचंद्र सहित और लंबोदर महतो. फोटो : प्रभात खबर
Jharkhand Assembly Elections: झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए आजसू ने भी संकल्प पत्र जारी कर दिया है. सरना कोड, सीजीएल परीक्षा पर क्या है पार्टी का रुख, पढ़ें.
Jharkhand Assembly Elections: ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि हमारी पार्टी अगर सत्ता में आती है तो सरना धर्म कोड को मान्यता दी जायेगी. धांधली को देखते हुए स्टाफ सेलेक्शन कमीशन द्वारा आयोजित सीजीएल परीक्षा को रद्द किया जायेगा.
75 प्रतिशत पद स्थानीय लोगों के लिए किया जाएगा आरक्षित
आजसू ने कहा है कि सरकार की जमीन पर बने सभी कंपनियों में 75 प्रतिशत पद स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित किया जायेगा. हर प्रखंड में नियोजनालय की स्थापना की जायेगी. जहां सभी बेरोजगार युवक युवतियों को रोजगार, नौकरी, इंटर्नशिप व सहयोग राशि के लिए पंजीकृत किये जायेंगे.श्री महतो शुक्रवार को पार्टी का घोषणा पत्र जारी करने के बात अपनी बातें रख रहे थे.
ग्राम पंचायतों को किया जायेगा मजबूत
सुदेश कुमार महतो ने कहा कि ग्राम पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियां देकर मजबूत बनाया जायेगा. आजसू पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया है कि गांव के विकास का फैसला गांव के लोग ही करेंगे. पेसा कानून को मजबूती के साथ लागू किया जायेगा. रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए भ्रष्टाचार निवारण समिति का गठन किया जायेगा.

सेवा का अधिकार कानून तथा सूचना अधिकार कानून को सख्ती से लागू किया जायेगा. जाति, आय, आवासीय व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. बल्कि ये प्रमाण पत्र घर में ही डिलीवर कराया जायेगा.
भाषा संस्कृति एवं विरासत की होगी रक्षा
हो, मुंडारी, कुड़माली भाषा को आठवीं सूची में शामिल कराने एवं सभी क्षेत्रीय भाषा के विकास के लिए इन्हें स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा. झारखंड आंदोलनकारी परिवार के लिए सरकारी नौकरी में आरक्षण की व्यवस्था की जायेगी.

जल जंगल जमीन की होगी रक्षा
झारखंड में धरती योजना प्रारंभ की जायेगी. जिसमें जमीनों के खरीद बिक्री को सीधे दाखिल खारिज से जोड़ा जायेगा. हर अंचलाधिकारी को सहायक निबंधक की शक्तियां दी जायेगी. जिसमें जमीन के रजिस्ट्री के समय ही इसका दाखिल खारिज करा दिया जायेगा. इससे घूसखोरी पर लगाम लगेगी. हर रैयत को एक भूमि पासबुक दिया जायेगा. इससे कोई भी गलत तरीके से किसी की जमीन नहीं हड़प सकेगा.

आजसू ने कहा है कि जिन खदानों में खनन कार्य समाप्त हो चुका है, उस जमीन को पूर्व की स्थिति में लाकर उसे रैयत को वापस दिलाया जाएगा. निजी कंपनियों द्वारा रैयतों की जमीन लिये जाने पर मुआवजा एवं नौकरी के अलावा कंपनी में हिस्सेदारी का प्रावधान किया जायेगा.
जमीन घोटाले की जांच के लिए बनाएंगे जांच आयोग
रैयतों के अधिग्रहित जमीन जिस पर लंबे समय से कोई कार्य नहीं हुआ है. ऐसे जमीन रैयतों को वापस करायी जायेगी. राज्य के जमीन घोटाले की जांच के लिए जांच आयोग का गठन किया जायेगा. गलत तरीके से हड़पी व हस्तांतरित जमीन मूल रैयत को वापस करायी जायेगी. राज्य में पेयजल संकट की समस्या के समाधान के लिए खाली जगहों पर बड़े बड़े जलाशयों का निर्माण कराया जायेगा.
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By Mithilesh Jha
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