झारखंड में एंटी रेबीज वैक्सीन की खरीद में अनियमितता, जिलों में 34 से 94 रुपये ज्यादा में लिये जा रहे

Published at :29 Dec 2023 12:35 AM (IST)
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झारखंड में एंटी रेबीज वैक्सीन की खरीद में अनियमितता, जिलों में 34 से 94 रुपये ज्यादा में लिये जा रहे

रामगढ़ जिले के सिविल सर्जन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले दो साल में जिले में 6000 एंटी रेबीज वैक्सीन की खरीद 320 रुपये प्रति वॉयल की दर की गयी.

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सतीश कुमार, रांची :

झारखंड में एंटी रेबीज वैक्सीन की खरीद में अनियमितता का मामला सामने आ रहा है. ‘झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड’ की ओर से वैक्सीन की दर 226.80 रुपये प्रति वॉयल निर्धारित की गयी है. लेकिन, रामगढ़, लोहरदगा, गढ़वा, कोडरमा समेत विभिन्न जिलों में 34 से 94 रुपये अधिक कीमत पर वैक्सीन की खरीद की जा रही है. हर जिले में वैक्सीन की खरीद का ऑर्डर सिविल सर्जन के स्तर से की जाती है. हर सिविल सर्जन को कॉरपोरेशन की ओर से निर्धारित दर की जानकारी है, इसके बावजूद अधिक दर पर एंटी रेबीज वैक्सीन की खरीद के पीछे कमीशन का खेल बताया जा रहा है.

रामगढ़ जिले के सिविल सर्जन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले दो साल में जिले में 6000 एंटी रेबीज वैक्सीन की खरीद 320 रुपये प्रति वॉयल की दर की गयी. यह कॉरपोरेशन द्वारा निर्धारित दर से 94 रुपये अधिक है. इस अवधि में जिले में 20 हजार लोगों को एंटी रेबीज का वैक्सीन दिया गया. इसी तरह कोडरमा जिले में 290 रुपये की दर से 7500 वैक्सीन की खरीद की गयी. यहां अब भी 750 वॉयल मौजूद हैं. वहीं, 3000 वॉयल की खरीद को लेकर आदेश दिया गया है. लोहरदगा में 280 रुपये की दर से 4000 वॉयल की खरीद की गयी. यहां 3000 लोगों को एंटी रेबीज का वैक्सीन दिया गया है. गढ़वा जिले में दो साल में 23,500 वैक्सीन की खरीद 260 रुपये की दर की गयी है. यहां 21 हजार लोगों को एंटी रेबीज का वैक्सीन दिया गया.

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एक लाख आबादी में 30 लोग हो रहे हैं डॉग बाइट के शिकार

ह्यूमन रेबीज एक जेनेटिक वायरल बीमारी है, जो रेबीज संक्रमित कुत्तों के काटने से होती है. इसका फैटिलिटी रेट 100 प्रतिशत है. यह एक जानलेवा बीमारी है, जिसका इलाज पूर्णत संभव है. संपूर्ण टीकाकरण द्वारा ही इससे बचा जा सकता है. झारखंड में डॉग बाइट के आंकड़े बढ़े हैं. राज्य में एक लाख की आबादी में औसतन 30 लोग डॉग बाइट के शिकार हो रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में डॉग बाइट के मामले बढ़े हैं. राज्य में रेबीज की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने इसे अधिसूचित बीमारी घोषित किया है.

राज्य में वर्षवार डॉग बाइट के आंकड़े

वर्ष- डॉग बाइट

2014- 45,753

2015- 47,711

2016- 58,297

2017- 59,071

2018- 61,122

2019- 71,725

2020- 38,831

2021- 31,708

2022- 57,132

कमीशन का खेल

कॉरपोरेशन ने प्रति वॉयल 228.80 रुपये तय की है एंटी रेबीज वैक्सीन की कीमत

जिलों में 260 से 320 रुपये प्रति वॉयल की दर से दिया जा रहा खरीद का ऑर्डर

सिविल सर्जन के स्तर से दिया जाता है रेबीज के वैक्सीन की खरीद का ऑर्डर

रेबीज को अधिसूचित बीमारी घोषित किया है सरकार ने, कुत्तों के काटने से होती है

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