UG और PG में अब भारतीय विरासत व संस्कृति आधारित कोर्स होंगे शामिल

Updated at : 26 Mar 2023 10:16 AM (IST)
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UG और PG में अब भारतीय विरासत व संस्कृति आधारित कोर्स होंगे शामिल

नयी शिक्षा नीति के तहत इस कोर्स में क्रेडिट सिस्टम युक्त मॉड्यूलर कार्यक्रम होगा. इस कोर्स में मुख्य रूप से 46 एरिया को शामिल किया गया है. यूजीसी के सचिव प्रो मनीष आर जोशी द्वारा सभी विवि को जारी पत्र में कहा गया है कि इस कोर्स में योग, आयुर्वेद, भारतीय धर्म, भारतीय दर्शन शामिल किया जायेगा.

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रांची, संजीव सिंह : विवि में स्नातक व स्नातकोत्तर में अब भारतीय विरासत व संस्कृति आधारित कोर्स शामिल किये जायेंगे. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कोर्स गाइडलाइन (ड्राफ्ट) जारी किया है. कोर्स को लागू करने से पूर्व यूजीसी ने शिक्षाविद, उच्च शिक्षण संस्थानों व आम लोगों से 31 मार्च 2023 तक इसके संबंध में सुझाव मांगा है.

नयी शिक्षा नीति के तहत इस कोर्स में क्रेडिट सिस्टम युक्त मॉड्यूलर कार्यक्रम होगा. इस कोर्स में मुख्य रूप से 46 एरिया को शामिल किया गया है. यूजीसी के सचिव प्रो मनीष आर जोशी द्वारा सभी विवि को जारी पत्र में कहा गया है कि इस कोर्स में योग, आयुर्वेद, भारतीय धर्म, भारतीय दर्शन, भारतीय धरोहर, संस्कृत, भारतीय भाषाएं, भारतीय संगीत और शास्त्रीय नृत्य, ज्योतिषी, इंडियन क्राफ्ट सिस्टम, इंडियन लॉ, इंडियन मैथोलॉजी, इथिक्स, लॉजिक, हिस्ट्री एंड कल्चर, वैदिक गणित, भारतीय लिपि, इंडियन फूड व फैशन, इंडियन ड्रामा, इंडियन कल्चरल हैरिटेज आदि रूपों को शामिल किया गया है. ताकि यह सभी क्षेत्र भारत में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को भी आकर्षित किये जा सकेंगे. कोर्स को तीन स्तर में बांटा गया है. पहला इंट्रोडक्टरी लेबल, दूसरा इंटरमीडिएट लेबल और तीसरा एडवांस लेबल शामिल हैं. सचिव ने कहा है कि कोई भी अपना सुझाव ugc.heritage.culture@
gmail.com पर भेज सकते हैं.

एआइसीटीइ ने नये इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने पर 2 साल से लगी रोक हटायी

एआइसीटीइ ने नये इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने पर पिछले दो साल से लगी रोक हटा ली है. साथ ही सत्र 2023-24 से नये कॉलेज खोलने, कोर्स चलाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इतना ही नहीं एआइसीटीइ ने संस्थान शुरू करने के लिए भूमि की आवश्यकता भी समाप्त कर दी है. यानी कवर्ड एरिया के साथ-साथ फ्लोर एरिया, फ्लोर स्पेस इंडेक्स के आधार पर तकनीकी संस्थान खोल सकते हैं. इस बाबत एआइसीटीइ ने नोटिस जारी करते हुए झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र भेज दिया है. संस्थान खोलने, नये कोर्स की स्वीकृति व चल रहे कोर्स संबद्धता व संबद्धता विस्तार के लिए छह अप्रैल 2023 तक प्रस्ताव मांगा गया है. एआइसीटीइ के सदस्य सचिव प्रो राजीव कुमार द्वारा भेजे गये पत्र के अनुसार इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, प्लानिंग, अप्लाइड आर्ट एंड क्राफ्ट, डिजाइन, होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी, मास्टर इन कंप्यूटर एप्लिकेशन, मैनेजमेंट आदि कोर्स के लिए संस्थान खोल सकते हैं. नये संस्थान व कोर्स नयी शिक्षा नीति के तहत आरंभ होंगे. प्रो राजीव के अनुसार यदि यह पाया जाता है कि किसी संस्थान ने आंशिक स्वीकृति ली है, तो उनका दिया गया अनुमोदन वापस ले लिया जायेगा.

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