बजट सत्र : आप दबाव में हैं, तो सत्ता पक्ष से ही चुन लें नेता प्रतिपक्ष, हमारे विधायक वेल में नहीं आयेंगे

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 13 Mar 2020 1:03 AM

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बजट सत्र का सातवां दिन वर्षों बाद सुकून भरा रहा़ सदन में जनता के सवाल आये़ पक्ष-विपक्ष के विधायक अपने सवाल पूछ पाये़ बिना हो-हंगामा, शोर-शराबे के लंबे अर्से बाद विधानसभा का सत्र चला़

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रांची : बजट सत्र का सातवां दिन वर्षों बाद सुकून भरा रहा़ सदन में जनता के सवाल आये़ पक्ष-विपक्ष के विधायक अपने सवाल पूछ पाये़ बिना हो-हंगामा, शोर-शराबे के लंबे अर्से बाद विधानसभा का सत्र चला़ रघुवर सरकार के कार्यकाल से ही विधानसभा में प्रश्नकाल बाधित होता रहा है़. रघुवर दास की सरकार में कभी सीएनटी-एसपीटी, कभी जमीन अधिग्रहण कानून तो कभी जेपीएससी के मामले में लंबा गतिरोध बना रहा था़ रघुवर दास की सरकार में विपक्ष की भूमिका में रहे झामुमो ने लंबे समय तक सदन को बाधित किया था़ हेमंत सोरेन सरकार बनने के बाद भी विधानसभा के दिन नहीं बदले, लेकिन गुरुवार को बजट सत्र का सातवां दिन स्पीकर सहित जनता के सवालों के लिए लड़ने-भिड़ने वाले विधायकों के लिए सुकून भरा रहा़

पहली पाली में कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के विधायक बाबूलाल मरांडी को प्रतिपक्ष का नेता बनाये जाने को लेकर वेल में घुस गये़ हो-हंगामा भी शुरू हुआ, लेकिन भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने हस्तक्षेप किया़ वह बोलना चाहते थे़ स्पीकर ने कहा कि बाबूलाल बोलना चाहते हैं, आप लोग सुने़ं बाबूलाल मरांडी ने कहा : जेवीएम का भाजपा में विलय का निर्णय 11 फरवरी को लिया गया़ दो-तिहाई कार्यकारिणी का निर्णय था़ 17 फरवरी को भाजपा में विलय किया गया़

न24 मार्च को मैं विधायक दल का नेता चुना गया और इसकी सूचना विधानसभा को दी गयी़ पार्टी के विलय की सूचना भी दी गयी थी़ छह मार्च को चुनाव आयोग ने भी पत्र जारी कर विलय को सहमति दे दी है़ श्री मरांडी ने स्पीकर से कहा : अब निर्णय आपका है़ मैं नहीं कहता कि आप कब निर्णय लें, आज ही निर्णय ले़ं लेकिन न्याय करे़ं जब निर्णय लेना है, ले़ं श्री मरांडी ने अपने विधायकों से कहा : आपसे निवेदन है कि अब आप वेल में नेता प्रतिपक्ष की मांग को लेकर ना जाये़ं

सत्ता पक्ष व विपक्ष के विधायक चुन कर आये हैं, उनके क्षेत्र की समस्या है़ यहां जनता की समस्या आनी चाहिए़ बार-बार विधानसभा बाधित नहीं होना चाहिए़ लोग वंचित ना हो़ सरकार सदन ठीक से चलाये़ श्री मरांडी ने स्पीकर से कहा : हमारे विधायक अब नेता प्रतिपक्ष की मांग को लेकर वेल में नहीं आयेंगे़ आप दबाव में हैं, तो सत्ता पक्ष से ही किसी को नेता प्रतिपक्ष चुन ले़ं. विधायकों को निलंबित भी किया था.

सदन में पार्टी विधायकों से बोले बाबूलाल: जनता का सवाल आना चाहिए, नेता प्रतिपक्ष पर हंगामा नहीं करें

शंका, किंतु-परंतु ना करें, दूध का दूध पानी का पानी होगा : विधानसभाध्यक्ष

सदन में बाबूलाल मरांडी के वक्तव्य के बाद स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि बार-बार शंका की बात कही जाती है़ कोई किंतु-परंतु नहीं है़ थोड़ा विधि विभाग से राय ले रहा हू़ं प्रक्रिया के तहत काम हो रहा है़ थोड़ा वक्त दीजिए़ दूध का दूध, पानी का पानी होगा़

क्या-क्या हुआ है इसी सदन में : रघुवर दास की सरकार में सीएनटी-एसपीटी में संशोधन का बिल पारित हुआ, उस दिन सदन के लिए काला दिन था़ विपक्ष ने उस दिन स्पीकर के ऊपर कुर्सियां, पेपर पीन से लेकर स्प्रे तक फेंका़ सदन में जूते-चप्पल चले़ पूरा सदन अव्यवस्थित था़ तत्कालीन स्पीकर दिनेश उरांव ने चार विपक्षी

अल्पसूचित प्रश्न : मिल्क फेडरेशन में अनियमितता का स्पेशल ऑडिट होगा – बादल : कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि मिल्क फेडरेशन के भ्रष्टाचार व अनियमितता का सरकार स्पेशल ऑडिट करायेगी. इसको लेकर वित्त विभाग को पत्र लिखा गया है. सरकार इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर रही है. इस मामले में एनडीडीए से जांच का अनुरोध किया गया है. लोकायुक्त ने भी दो माह के अंदर जांच को पूरा करने का समय दिया है.

रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि कितना नुकसान हुआ है, इसके बाद सरकार दोषी व्यक्ति पर प्राथमिकी दर्ज करा कर कार्रवाई करेगी. उन्होंने बताया कि इस मामले में सरकार ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनायी थी, जिस पर एनडीडीवी ने सवाल उठाया है. विधायक सरयू राय ने सवाल उठाते हुए इस मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया था. कहा था कि जब जांच में पुष्टि हो गयी है, तो दोषी पाये गये व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाये.

तीन माह में बनेगी कृषि नीति – बादल पत्रलेख : विधायक मनीष जायसवाल के सवाल पर मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि तीन माह में कृषि नीति बनायी जायेगी. इसमें राज्य बीज निगम के गठन पर भी विचार किया जायेगा. सरकार उन्नत किस्म की बीज की खरीद ई-टेंडर के माध्यम से करती है. श्री जायसवाल ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक स्थिति के अनुसार बीज नहीं होने के कारण उत्पादन पर असर पड़ता है. प्रमाणिक बीज तैयार करने के लिए राज्य बीज निगम का गठन होना चाहिए.

वृद्धा पेंशन के लाभुकों की संख्या बढ़ेगी – जोबा मांझी : विधायक अमित कुमार मंडल के सवाल पर महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि सरकार वृद्धा व विधवा पेंशन के लाभुकों की संख्या बढ़ाने पर विचार करेगी. पेंशन राशि बढ़ाने पर भी विचार किया जायेगा. श्री मंडल ने कहा कि सिर्फ गोड्डा जिले में पेंशन योजना के 4000 से अधिक आवेदन लंबित हैं. विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि झामुमो ने अपने घोषणा पत्र में पेंशन की राशि को बढ़ा कर 2500 रुपये करने की बात कही है.

एक वर्ष तक ही चलेगी ई-पॉस मशीन – रामेश्वर : विधायक प्रदीप यादव ने ई-पास मशीन में प्रति वर्ष इसके मूल्य से 50 करोड़ अधिक भुगतान होने का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है. इस मामले के दोषी अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करनी चाहिए. इस पर मंत्री डॉ उरांव ने कहा कि ई-पॉस मशीन को लेकर अगस्त 2021 तक कंपनी के साथ एग्रीमेंट है. अगर इससे पहले एग्रीमेंट रद्द होता है, तो कंपनी को पूरी राशि का भुगतान करना पड़ेगा.

तारांकित प्रश्न -तीन माह में मुआवजा का भुगतान : संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि छतरपुर बटाने डैम के विस्थापितों के मुआवजा का भुगतान तीन माह में किया जायेगा. इसको लेकर 9.87 करोड़ राशि उपलब्ध करा दी गयी है. सरकार ने 1048 में से 1013 विस्थापितों का भुगतान कर दिया है.

अब सिर्फ 35 विस्थापितों को मुआवजा देना बाकी है. विधायक कमलेश सिंह के तारांकित प्रश्न पर मंत्री ने यह जवाब दिया. सर्वेक्षण के बाद होगा नुकसान का आकलन: विधायक नलिन सोरेन के तारांकित सवाल पर संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि मयूराक्षी नदी के बाढ़ से किसानों की भूमि कटाव व नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है. तीन माह में सर्वेक्षण के बाद नुकसान का आकलन कर लिया जायेगा.

डीवीसी का बिजली कट सदन में गूंजा विधायकों ने लगायी सरकार से गुहार : राज्य मेें डीवीसी द्वारा किये जा रहे बिजली कट का मामला सदन में भी गूंजा़ पक्ष-विपक्ष के विधायक इस मुद्दे को सदन में लेकर आये़ विधायकों ने सरकार से गुहार लगायी की पूरा राज्य बिजली-पानी को लेकर त्राहिमाम कर रहा है़

18 घंटे तक बिजली कट रही है़ जनता बेहाल है़ सरकार इस पर हस्तक्षेप कर डीवीसी से बात करे़ गुरुवार को सत्र शुरू होते ही भाजपा विधायक विरंची नारायण ने मामला उठाया कि बोकारो, धनबाद, गिरिडीह सहित कई जिले में डीवीसी के कमांड इलाके में 10 घंटे से भी ज्यादा बिजली काटी जा रही है़

भाजपा विधायक उमाशंकर अकेला, विनोद सिंह, अमित मंडल, मनीष जायसवाल सहित कई विधायकों ने यह मामला उठाया़ सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सरकार गंभीर है़ सरकार के संज्ञान में मामला है़ जल्द ही इसका निदान कर लिया जायेगा़ सत्र में पहली और दूसरी पाली में चर्चा के दौरान कई विधायकों ने इस ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया़

बिजली कटौती से कई शहरों की स्थिति खराब : डीवीसी द्वारा कमांड एरिया के सातों जिलों में 18 घंटे तक बिजली कटौती जारी है. इससे धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ के लोगों का जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. इधर डीवीसी द्वारा बिजली कटौती का चौतरफा विरोध आरंभ हो गया है. विधानसभा में भी हंगामा हुआ. वहीं अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी आरंभ हो गया है. मंत्री जगन्नाथ महतो, मिथिलेश ठाकुर विधायक सुदीव्य कुमार ने भी डीवीसी की आलोचना की है.

मुख्य सचिव ने की डीवीसी चेयरमैन से बात : डीवीसी द्वारा बिजली कटौती के मुद्दे पर राज्य के मुख्य सचिव डीके तिवारी ने गुरुवार की शाम डीवीसी के चेयरमैन से बात की. उन्होंने कहा कि डीवीसी को 200 करोड़ भुगतान कर दिया गया है. इसके पूर्व भी डीवीसी को हर माह भुगतान किया जाता रहा है. बकाया काफी पुराना है, इसे बातचीत कर सुलझाया जा सकता है. डीवीसी के चेयरमैन ने मुख्य सचिव से कहा कि कोयला कंपनियों को भुगतान करना है, जिसके कारण पैसे की मांग की जा रही है.

पैसे नहीं दिये जाने पर कोयला कंपनियां पावर प्लांट के लिए कोयला रोक सकती है. मुख्य सचिव ने भी कहा कि कोयला कंपनियों पर झारखंड सरकार का भी बकाया है. कोयला कंपनियां यदि भुगतान कर देगी, तो डीवीसी को भी बड़ा रकम भुगतान किया जा सकता है. डीवीसी चेयरमैन ने सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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