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Aarogya Setu App डाउनलोड करने और PM Cares Fund में 35 हजार रुपये जमा कराने पर झारखंड के पूर्व सांसद को मिली जमानत

Updated at : 18 Apr 2020 2:47 PM (IST)
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Aarogya Setu App डाउनलोड करने और PM Cares Fund में 35 हजार रुपये जमा कराने पर झारखंड के पूर्व सांसद को मिली जमानत

रांची : झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court) ने झारखंड (Jharkhand) के पूर्व सांसद सोम मरांडी (Som Marandi) और पांच अन्य लोगों को मार्च, 2012 में धरना प्रदर्शन के दौरान रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोग्य सेतु एप्प (Aarogya Setu App) डाउनलोड करने और पीएम केयर्स कोष (PM Cares Fund) में 35-35 हजार रुपये जमा करने की शर्त पर जमानत देने का निर्देश दिया.

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रांची : झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court) ने झारखंड (Jharkhand) के पूर्व सांसद सोम मरांडी (Som Marandi) और पांच अन्य लोगों को मार्च, 2012 में धरना प्रदर्शन के दौरान रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोग्य सेतु एप्प (Aarogya Setu App) डाउनलोड करने और पीएम केयर्स कोष (PM Cares Fund) में 35-35 हजार रुपये जमा करने की शर्त पर जमानत देने का निर्देश दिया.

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झारखंड उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अनुभा रावत की पीठ ने मामले की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई करने के बाद पूर्व सांसद सोम मरांडी तथा विवेकानंद तिवारी, अमित तिवारी, हिसाबी राय, संचय वर्धन और अनुग्रह प्रसाद साह को रेल रोको आंदोलन के तहत रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में जमानत देने का निर्देश दिया.

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इन सभी के खिलाफ यह मुकदमा साहिबगंज में दर्ज किया गया था. रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत ने इन्हें दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनायी थी. इस सजा के खिलाफ सभी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की थी. वहां उनकी अपील खारिज कर दी गयी इसके बाद मामले की फरवरी में उच्च न्यायालय में अपील की.

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अपील लंबित रहने के दौरान सभी ने हस्तक्षेप याचिका दायर कर निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाते हुए जमानत प्रदान करने का आग्रह किया था. सभी फरवरी से न्यायिक हिरासत में थे.

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इस मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अनुभा रावत की पीठ ने दोषियों को आरोग्य सेतु एप्प डाउनलोड करने और कोरोना की रोकथाम के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया. पीठ ने सभी दोषियों को पीएम केयर्स कोष में 35-35 हजार रुपये जमा करने का भी निर्देश दिया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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