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Jharkhand: किसानों को एमएसपी पर मिलेगा बोनस, हेमंत सोरेन सरकार इतने में करेगी धान की खरीद

Updated at : 21 Sep 2024 1:14 PM (IST)
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झारखंड में अब 30 अप्रैल तक किसान बेच सकेंगे धान.

Hemant Soren Gift to Farmers: झारखंड के किसानों से इस साल 6 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य है. हेमंत सोरेन सरकार एमएसपी पर 100 रुपए बोनस भी देगी.

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Hemant Soren Gift to Farmers: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत सोरेन की सरकार ने सौगातों की बारिश कर दी है. सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, पेंशनर्स को महंगाई राहत, जल सहिया को मोबाइल फोन, तो किसानों को धान बेचने पर बोनस देने की भी घोषणा की है.

धान के एमएसपी पर 100 रुपए बोनस देगी हेमंत सोरेन सरकार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में किसानों से जुड़ा बड़ा फैसला लिया गया. बताया गया कि हर साल खरीफ की फसल सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदती है. इस बार भी धान की खरीद एमएसपी पर की जाएगी. इस बार सरकार ने किसानों को एमएसपी पर बोनस देने का भी फैसला किया है.

किसानों को बोनस देने पर 60 करोड़ खर्च करेगी झारखंड सरकार

झारखंड सरकार की कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट ने किसानों को प्रति क्विंटल 100 रुपए बोनस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. झारखंड कैबिनेट के इस फैसले से राज्य सरकार के खजाने पर 60 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा.

साधारण धान का एमएसपी 2300 रुपए और ए ग्रेड का 2320 रुपए

कैबिनेट ने खरीफ किसानों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 100 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दी. किसानों से प्रति क्विंटल साधारण धान की खरीद के लिए 2,300 रुपए और ग्रेड ए के धान के लिए 2,320 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय है.

झारखंड में 2400 रुपए क्विंटल की दर से साधारण धान की खरीद

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार इस राशि के अलावा प्रति क्विंटल 100 रुपए बोनस के रूप में किसानों को उपलब्ध करायेगी. राज्य सरकार ने किसानों से कुल 6 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है. किसानों को बोनस देने पर राज्य सरकार 60 करोड़ रुपए खर्च करेगी. झारखंड में किसानों को प्रति क्विंटल साधारण धान के 2400 रुपए और ग्रेड ए धान के 2420 रुपए मिलेंगे.

2023-24 में किसानों को प्रति क्विंटल 117 रुपए मिला था बोनस

खरीफ वर्ष 2023-24 में झारखंड सरकार ने किसानों को 117 रुपए बोनस दिया था. तब सरकार ने 2300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीद की थी. पिछले साल सरकार ने राइस मिलर्स को प्रति क्विंटल 60 रुपए की दर से इंसेंटिंव का भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान की थी. तब भी सरकार ने 6 लाख मीट्रिक टन धान की ही खरीद का लक्ष्य रखा था.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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