हेमंत सोरेन के पांच दिनों की रिमांड पर, कैंप जेल में रखने पर फैसला आज

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ईडी ने हेमंत सोरेन को 10 दिनों की पुलिस रिमांड देने का अनुरोध किया था. अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद दो फरवरी को फैसला सुनाया. वहीं, तीन फरवरी से पांच दिनों तक के लिए पुलिस रिमांड पर देने का आदेश दिया.

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रांची : पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश दिनेश राय की अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर देने का आदेश दिया है. रिमांड की अवधि तीन फरवरी से शुरू होगी. इसी दिन इडी की टीम बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार से हेमंत सोरेन को लेकर एयरपोर्ट स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय जायेगी. कोर्ट ने रिमांड की अवधि में दिन में पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को रात में कैंप जेल में रखने के मामले में सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. इस बिंदु पर न्यायालय तीन फरवरी को फैसला सुनायेगा.

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ईडी ने मनी लाउंड्रिंग के आरोप में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार करने के बाद एक फरवरी को पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश दिनेश राय की अदालत में पेश किया था. इडी ने हेमंत सोरेन को 10 दिनों की पुलिस रिमांड देने का अनुरोध किया था. अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद दो फरवरी को फैसला सुनाया. वहीं, तीन फरवरी से पांच दिनों तक के लिए पुलिस रिमांड पर देने का आदेश दिया. इसके बाद हेमंत सोरेन की ओर से दो फरवरी को पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में एक याचिका दाखिल की गयी. इसमें सुरक्षा कारणों से इडी द्वारा हेमंत सोरेन से दिन में पूछताछ के बाद उन्हें कैंप जेल में रहने की अनुमति मांगी गयी है.

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हेमंत को कैंप जेल में रखने वाली याचिका का इडी ने किया विरोध

हेमंत सोरेन को कैंप जेेल में रखने के पीछे यह दलील पेश की गयी है कि वे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हैं. उनका लंबा राजनीतिक जीवन रहा है. वह सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं. वे कई तरह की शारीरिक समस्याओं से पीड़ित हैं. इस स्थिति को देखते हुए रात में उन्हें कैंप जेल में रहने की अनुमति दी जाये. साथ ही हेमंत सोरेन की स्वास्थ्य जांच रिम्स में कराने की अनुमति दी जाये. इडी ने इस याचिका का विरोध किया. इस मुद्दे पर इडी की ओर से दलील देते हुए यह कहा गया कि अभियुक्त के लिए कानून में रिमांड के लिए दो ही तरह का प्रावधान है. पहला ज्यूडीशियल रिमांड और दूसरा पुलिस रिमांड. न्यायालय ने अभियुक्त हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए पांच दिनों का पुलिस रिमांड देने का आदेश दिया है. रिमांड की इस अवधि में अभियुक्त की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रवर्तन निदेशालय पर है. इसलिए रात में हेमंत सोरेन को कैंप जेल में रखने की मांग कानून सम्मत नहीं होगा. न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. इस पर फैसला तीन फरवरी को सुनाया जायेगा.

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