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Ranchi news : हेल्थ खराब हो, तो पूरे परिवार का वेल्थ भी खत्म हो जाता है : दीपिका

Updated at : 23 Jul 2025 6:09 PM (IST)
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Ranchi news : हेल्थ खराब हो, तो पूरे परिवार का वेल्थ भी खत्म हो जाता है : दीपिका

ग्रामीण विकास मंत्रालय का एफएनएचडब्ल्यू पर क्षेत्रीय कार्यशाला. ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि झारखंड की महिलाएं गेम चेंजर हो रही हैं.

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रांची. राज्य सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बचपन से हम लोग सुनते आ रहे हैं कि हेल्थ इज वेल्थ. हेल्थ खराब हो, तो पूरे परिवार का वेल्थ (धन) खत्म हो जाता है. लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहे, इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकार अपने-अपने स्तर से प्रयास कर रही है. श्रीमती सिंह बुधवार को ग्रामीण विकास मंत्रालय का फूड, न्यूट्रिशन, हेल्थ और वाश (एफएनएचडब्ल्यू) पर आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला में बोल रही थी. इसमें 14 राज्यों के आजीविका मिशन के अधिकारी और महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने हिस्सा लिया. श्रीमती सिंह ने कहा कि हमलोग विशेष तौर पर महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर काम कर रहे हैं. महिलाओं का हेल्थ एक बहुत बड़ा सोशल इंडिकेटर है. झारखंड में सर्वजन पेंशन योजना और मंईयां योजना एक मजबूत कदम है. इससे महिलाओं के सेहत और आजीविका में होने वाले बदलाव का हम अध्ययन करायेंगे. अब

बेहतर पोषण आर्थिक उत्पादन में सहयोग करता है

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के पूर्व सचिव एनएन सिन्हा ने कहा कि वैसे राज्य ही आगे बढ़ रहे हैं, जो अपने नागरिकों पर ध्यान देते हैं. नागरिक स्वस्थ रहेंगे, तो श्रम शक्ति बढ़ेगी. बेहतर पोषण आर्थिक उत्पादन में सहयोग करता है. जहां समाज स्वस्थ होता है, उस समाज और परिवार की आर्थिक आय भी अधिक होती है.

विकसित भारत के लिए स्वस्थ समाज जरूरी

राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एन श्रीनिवासन ने कहा कि विकसित भारत के लिए स्वस्थ समाज का होना जरूरी है. हम 2047 तक विकसित भारत की कल्पना कर रहे हैं. इसके लिए सबको स्वस्थ रहना जरूरी है. राज्य सरकार भी इसके लिए शॉर्ट और लांग टर्म प्लान पर काम कर रही है. आदिवासी, अल्पसंख्यक और महिलाओं के विकास की रूपरेखा तय की जा रही है. इसको ध्यान में रखकर ही मंईयां योजना शुरू की गयी. जनजातीय समाज के लिए डाकिया योजना चल रही है. फूलो-झानो योजना चल रही है. इसका असर भी दिख रहा है.

देश में 91 लाख दीदियां एफएनएचडब्ल्यू से जुड़ी हैं

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्मृति शरण ने कहा कि क्षेत्रीय कार्यशाला के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला की रूपरेखा तय हो रही है. देश में करीब 91 लाख दीदियां आज एफएनएचडब्ल्यू से जुड़ी हैं. यह दूसरे विभागों के साथ मिलकर बदलाव का काम कर रही हैं. झारखंड में भी इसपर अच्छा काम हो रहा है. इस मौके पर लगाये गये मेले और प्रदर्शनी का उद्घाटन मंत्री ने किया. मंच पर मध्य प्रदेश आजीविका मिशन की सीइओ हर्षिका सिंह, जेएसएलपीएस के सीइओ अनन्य मित्तल, भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की उप सचिव डॉ मोनिका आदि मौजूद थे.

आजीविका मिशन की सदस्यों को सम्मानित किया गया

इस मौके पर एफएनएचडब्ल्यू में अच्छा काम करने वाली आजीविका मिशन की सदस्यों को सम्मानित किया गया. इसमें हजारीबाग की निशा देवी, गोड्डा की सुप्रिया भारती, बोकारो की सिंपी किस्कू, खूंटी की बी कंडुलना तथा गोड्डा की प्रीति कुमारी को सम्मानित किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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