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Education News : आइडिया दीजिये व पाइए एक लाख रुपये तक का सीड ग्रांट

Updated at : 04 Dec 2024 6:27 PM (IST)
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Education News : आइडिया दीजिये व पाइए एक लाख रुपये तक का सीड ग्रांट

इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक सहित किसी भी संकाय के विद्यार्थी सहित किसी भी विवि के विद्यार्थी व आम लोग भी स्टार्ट अप के लिए अपना आइडिया देकर एक लाख रुपये तक का ग्रांट प्राप्त कर सकते हैं.

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रांची (विशेष संवाददाता). इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक सहित किसी भी संकाय के विद्यार्थी सहित किसी भी विवि के विद्यार्थी व आम लोग भी स्टार्ट अप के लिए अपना आइडिया देकर एक लाख रुपये तक का ग्रांट प्राप्त कर सकते हैं. झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) व सीसीएल के सहयोग से विकसित झारखंड-विकसित भारत के तहत आइडिया पिचिंग कंपीटीशन का आयोजन किया जा रहा है.

कुलपति डॉ डीके सिंह के नेतृत्व में इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है. प्रथम चरण की प्रतियोगिता का आयोजन सात और आठ दिसंबर 2024 को जेयूटी से संबद्ध कॉलेज/संस्थान स्तर पर होगी. प्राचार्य की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा बेहतर आइडिया का चयन किया जायेगा. चुने हुए प्रतिभागी के लिए द्वितीय चरण की प्रतियोगिता बीआइटी सिंदरी में 14 दिसंबर 2024 को होगी. जबकि फाइनल राउंड की प्रतियोगिता 21 दिसंबर 2024 को जेयूटी में होगी. इंडस्ट्री विशेषज्ञ द्वारा बेहतर आइडिया का चयन किया जायेगा. फाइनल राउंड में चयनित प्रतिभागी को 50 हजार से एक लाख रुपये तक का ग्रांट स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए दिया जायेगा. जेयूटी से बाहर के प्रतिभागी नजदीक के कॉलेज/संस्थान में जाकर हिस्सा ले सकते हैं.

विवि द्वारा निर्धारित थीम के अलावा भी आइडिया स्वीकार्य होगा

इस प्रतियोगिता के लिए झारखंड के विकास के लिए कई थीम निर्धारित किये हैं. जिसके आधार पर आइडिया दिया जा सकता है. इसके अलावा भी व्यक्ति आइडिया के आधार पर प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं. विवि द्वारा निर्धारित आइडिया में पोषण मूल्य को बनाये रखते हुए बाजरा के प्रसंस्करण की दक्षता में सुधार करने के लिए समाधान विकसित करना, किसानों के किफायती मशीन, कम लागत वाले पर्यावरण के अनुकुल सैनिटरी नैपकिन का निर्माण, सिक्यूरिटी गैजेट्स या बेहतर जीवन रक्षक एप्लिकेशन विकसित करना, ऐसी तकनीक का विकास, जो कामकाजा माताओं को बेबीसिटर के साथ विभिन्न तकनीक प्लेटफॉर्म से जोड़ती हो, ग्रामीण महिलाओं के जीवन को जल संग्रह के बोझ से मुक्त करने के लिए इनोवेशन आदि शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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