ePaper

Alcohol Sales News : देसी शराब की सात में से चार बॉटलिंग प्लांट बंद

Updated at : 22 Jul 2024 1:00 AM (IST)
विज्ञापन
Alcohol Sales News : देसी शराब की सात में से चार बॉटलिंग प्लांट बंद

राज्य में देसी शराब की सात में से चार बॉटलिंग प्लांट बंद हो गये हैं. बॉटलिंग प्लांट बंद होने का मुख्य कारण नयी उत्पाद नीति (2022-23) है. इस नीति के तहत देसी शराब को शीशे की बोतल में बंद करने का नियम लागू किया गया है.

विज्ञापन

विशेष संवाददाता, (रांची). राज्य में देसी शराब की सात में से चार बॉटलिंग प्लांट बंद हो गये हैं. बॉटलिंग प्लांट बंद होने का मुख्य कारण नयी उत्पाद नीति (2022-23) है. इस नीति के तहत देसी शराब को शीशे की बोतल में बंद करने का नियम लागू किया गया है. प्लास्टिक की बोतल के बदले शीशे की बोतल में देसी शराब बेचने के प्रस्ताव पर राजस्व पर्षद के तत्कालीन सचिव एपी सिंह ने भी आपत्ति जतायी थी. बोतल बदलने सहित अन्य कारणों से देसी शराब की बिक्री सालाना 15 से 20 लाख पेटी से गिर कर चार लाख पेटी तक पहुंच गयी है.

सलाहकार के सुझाव पर राजस्व पर्षद ने जतायी थी आपत्ति

राज्य सरकार ने उत्पाद राजस्व बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड(सीएसएमसीएल) को सलाहकार बनाया था. सलाहकार के सुझाव पर बनायी गयी उत्पाद नीति पर राजस्व पर्षद ने आपत्ति जताते हुए यह टिप्पणी की थी कि सलाहकार कंपनी के राज्य में उत्पाद राजस्व का ग्रोथ रेट झारखंड के ग्रोथ रेट से कम है. ऐसे में इस कंपनी की सलाह से राज्य में राजस्व बढ़ाने की उम्मीद संदेहास्पद है. नयी नीति में देसी शराब की बिक्री प्लास्टिक के बदले शीशे की बोतल में करने का प्रस्ताव था. राजस्व पर्षद ने प्लास्टिक के बदले शीशे की बोतल में देसी शराब की बिक्री के प्रस्ताव पर आपत्ति करते हुए इसे नुकसानदायक बताया था. हालांकि सरकार ने राजस्व पर्षद के सुझाव को नजरअंदाज करते हुए सीएसएमसीएल की सलाह पर नयी उत्पाद नीति लागू कर दी. हालांकि, इस नीति से राजस्व में वृद्धि नहीं हुई. वहीं राज्य के चार बॉटलिंग प्लांट बंद हो गये. इसकी वजह शीशे की बोतल की उपलब्धता में होनेवाली परेशानी सहित अन्य कारण बताये जाते हैं.

वित्तीय वर्ष 2019-20 में सिर्फ 14 लाख पेटी देसी शराब की आपूर्ति

वित्तीय वर्ष 2019-20 में सिर्फ दो बॉटलिंग प्लांट के माध्यम से करीब 14 लाख पेटी देसी शराब की आपूर्ति हुई थी. विंत्तीय वर्ष 2021-22 तक देसी शराब की बिक्री 15-20 लाख पेटी हुआ करती थी. नयी नीति लागू होने के बाद इसमें गिरावट आती गयी. वर्ष 2023-24 में पूरे राज्य में सिर्फ 3.24 लाख पेटी देसी शराब की बिक्री हुई. चालू वित्तीय वर्ष में जून तक सिर्फ 74 हजार 371 पेटी देसी शराब की बिक्री हुई. देसी शराब के बॉटलिंग प्लांट बंद होने और देसी शराब की बिक्री में आयी भारी गिरावट से देसी शराब पीने वाले लोगों की निर्भरता स्थानीय स्तर पर बनाये जानेवाले शराब पर बढ़ती जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola