लेट नाइट पार्टियों में बेतहाशा शराब का सेवन बन रहा रोड रेज का कारण

Updated at : 28 May 2024 12:09 AM (IST)
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लेट नाइट पार्टियों में बेतहाशा शराब का सेवन बन रहा रोड रेज का कारण

नाबालिगों को भी परोसी जाती है शराब, बिना लाइसेंस शराब पार्टी करते हैं रूफटॉप रेस्तरां

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रांची (प्रमुख संवाददाता). राजधानी के होटलों और रेस्तरां में चलने वाली लेट नाइट पार्टियां और उनमें चलने वाली बेतहाशा शराब हत्या के अंजाम तक पहुंचाने वाली रोड रेज को जन्म दे रही है. शहर के गली-मोहल्लों में खुल गये रेस्ट्रो बार में नियमों को ताक पर रख कर देर रात तक शराब परोसी जाती है. यहां नाबालिगों को भी शराब परोसने से परहेज नहीं किया जाता है. उत्पाद विभाग ने रिहायशी इलाकों में भी रेस्तरां को बार का लाइसेंस दिया है. वहां से देर रात निकलने वाले शराब के नशे में धुत्त लोगों के कारण स्थानीय लोग आशंकित रहते हैं. राजधानी के कई रूफ टॉप रेस्तरां भी बिना लाइसेंस शराब पार्टियां आयोजित कर रहे हैं. रांची में सबसे ज्यादा 72 बार : झारखंड में लाइसेंसी बार की कुल संख्या 203 है. इसमें से सबसे ज्यादा 72 बार राजधानी रांची में है. जमशेदपुर में 60 और धनबाद में 27 बार हैं. उत्पाद विभाग नगर निगम क्षेत्र के बार में रात 12 बजे तक शराब परोसने की अनुमति देता है. वहीं, फाइव स्टार होटलों के बार बंद करने का समय रात के एक बजे निर्धारित है. लेकिन, निर्धारित समय के बाद भी रेस्ट्रो बार और रूफटॉप रेस्तरां में शराब परोसी जाती है. ढाबों में चलता है अवैध शराब का धंधा : बार के अलावा शहर के आसपास के ढाबों में धड़ल्ले से अवैध शराब का धंधा चलता है. रिंग रोड के पास स्थित छोटे होटल और ढाबे अवैध शराब के नये अड्डे हैं. इसके अलावा एनएच और स्टेट हाइवे के किनारे ढाबों में भी अवैध शराब बेची जाती है. उत्पाद विभाग समय-समय पर छापेमारी कर नकली और अवैध शराब के धंधे पर लगाम लगाने की कोशिश करता है. लेकिन, उसमें सफलता नहीं मिलती है. लगातार हो रही हैं घटनाएं : देर रात शराब के नशे में धुत्त लोग राजधानी में लगातार रोड रेज कर रहे हैं. एक्सीडेंट के शिकार होकर दूसरों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं. हाल के दिनों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आयी हैं. पिछले दिनों मोरहाबादी में एक शराबी की कार ने इवनिंग वॉक कर रहे व्यक्ति को कुचल कर मार दिया. एक बार में दो लोगों की लड़ाई के बाद गोली भी चली. नोक-झोंक और मारपीट की घटनाएं तो देर रात तक शराब परोसने वाले बार में आम हैं. स्कूलों और धार्मिक स्थल के पास खोल दिये गये हैं बार : राजधानी में स्कूल और धार्मिक स्थलों के पास भी बार खोल दिये गये हैं. थड़पखना में मधुशाला बार स्कूल के ठीक बगल में खोल दिया गया है. वहीं, एजी कॉलोनी में मंदिर के बगल में ऊना नाम के बार को लाइसेंस दिया गया है. वहीं, शहर के दर्जन भर से अधिक बार नियमों का उल्लंघन कर देर रात तक शराब पार्टियों का आयोजन करते हैं. इन रेस्तरां में मोरहाबादी स्थित रूइन हाउस, कांके रोड स्थित ओडीआर और ग्रीका, ईस्ट जेल रोड थड़पखना में विडोरा, ओवरब्रिज के पास फोर्क एंड कॉर्क ज्यादा चर्चित हैं. मोरहाबादी मैदान के कोने में स्थित रूइन बार के बाहर हर दूसरी रात को शराबियों के बीच मारपीट और हुल्लड़बाजी की घटनाएं आम हो चुकी हैं.

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