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ईवी चार्जिंग स्टेशन पर दिन और रात के लिए अलग-अलग होंगे टैरिफ

Updated at : 17 Dec 2024 6:00 AM (IST)
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EV Charging Station

EV Charging Station

EV Charging Station: इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन पर कितना भुगतान करना होगा, इसकी रूपरेखा तैयार हो रही है. दिन और रात के लिए अलग-अलग टैरिफ होंगे.

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EV Charging Station: भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर 2024 का संशोधित गाइडलाइन जारी कर दिया है. इसे झारखंड समेत अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों के पास भेजकर सुझाव व आपत्तियां मांगी गयी है. नयी गाइडलाइन में चार्जिंग स्टेशनों को सुरक्षित, विश्वसनीय और सुलभ बनाने पर जोर दिया गया है. इसका उद्देश्य मजबूत राष्ट्रीय चार्जिंग नेटवर्क विकसित करना भी है.

चार्जिंग स्टेशन के लिए जमीन देने वालों को कमाई का हिस्सा मिलेगा

इसमें कहा गया है कि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना को और अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए सरकार या सार्वजनिक संस्थाएं निजी ऑपरेटरों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराएं. बदले में भूमि-स्वामित्व वाली एजेंसी को 10 साल की अवधि के लिए चार्जिंग स्टेशन पर खपत की गई बिजली के आधार पर राजस्व का एक हिस्सा दिया जाएगा.

चार्जिंग के लिए किस वक्त देना होगा सबसे अधिक पैसा?

ईवी चार्जिंग को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए चार्जिंग स्टेशनों में दिन-रात के अलग-अलग टैरिफ रखने का प्रावधान किया है. विशेष रूप से सौर घंटों (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक) के दौरान, चार्जिंग स्टेशनों पर बिजली की लागत न्यूनतम रखने का प्रावधान किया गया है. इसमें कहा गया है कि सुबह 9 बजे से 4 बजे तक एसी (स्लो) की दर 3 रुपये प्रति यूनिट, 4 बजे शाम से सुबह 9 बजे तक 4 रुपये प्रति यूनिट, तथा डीसी (फास्ट) के लिए सुबह 9 बजे से 4 बजे तक 11 रुपये तथा शेष समय में 13 रुपये प्रति यूनिट रखने का प्रावधान किया गया है.

चार्जिंग स्टेशन के लिए बिजली कनेक्शन की अवधि भी तय

चार्जिंग स्टेशन के लिए बिजली कनेक्शन की अवधि भी निर्धारित की गयी है. सभी राज्यों से कहा गया है कि एक नोडल एजेंसी बनाएं, ताकि बिजली वितरण व चार्जिंग स्टेशन के बीच समन्वय स्थापित किया जा सके.

हाई-वे पर 20 किमी और 100 किमी की दूरी पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशन

गाइडलाइन में कहा गया है कि राजमार्गों के किनारे नियमित ईवी चार्जिंग के लिए हर 20 किलोमीटर और बसों और ट्रकों जैसे लंबी दूरी के और भारी वाहनों के लिए हर 100 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन लगाये जाएंगे. बड़े चार्जिंग स्टेशनों पर ग्राहकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए वॉशरूम, पीने के पानी और निगरानी जैसी अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करने की आवश्यकता होगी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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