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बंगाल में तबाही मचाने वाले सुपर साइक्लोन ‘अम्फान’ का 24 घंटे तक झारखंड के इन जिलों में दिखेगा असर

Updated at : 21 May 2020 3:14 PM (IST)
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बंगाल में तबाही मचाने वाले सुपर साइक्लोन ‘अम्फान’ का 24 घंटे तक झारखंड के इन जिलों में दिखेगा असर

effect of super cyclone amphan to persist for next 24 hours in jharkhand रांची : पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने वाले प्रचंड चक्रवात ‘अम्फान’ का अगले 24 घंटे तक झारखंड के कई जिलों में असर देखा गया. गुरुवार (21 मई, 2020) को मौसम विभाग ने यह जानकारी दी. विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान संथाल परगना के जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिला में 20 से 30 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. इन जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश भी होगी.

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रांची : पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने वाले प्रचंड चक्रवात ‘अम्फान’ का अगले 24 घंटे तक झारखंड के कई जिलों में असर देखा गया. गुरुवार (21 मई, 2020) को मौसम विभाग ने यह जानकारी दी. विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान संथाल परगना के जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिला में 20 से 30 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. इन जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश भी होगी.

मौसम विभाग ने कहा है कि राजधानी रांची में आसमान में बादल छाये रहेंगे और हल्की वर्षा होगी. हालांकि, झारखंड के अन्य जिलों के बारे में विभाग ने कहा है कि आसमान में बादल दिखेंगे, लेकिन अधिकतर जगहों पर बारिश नहीं होगी. मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल सागर के तट से टकराने के बाद प्रचंड हुए चक्रवात अम्फान का असर रांची ओर जमशेदपुर में भी देखा गया.

विभाग के मुताबिक, जमशेदपुर में 46 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि रांची में हवाओं की गति 30 किलोमीटर थी. गुरुवार को भी हवा और बारिश का दौर जारी रहा. बुधवार को राजमहल, महेशपुर, मसानजोड़, जमशेदपुर, पाकुड़, मोहारो, कोनेर, पुटकी, चाईबासा, देवघर, गोड्डा, बोकारो और तेनुघाट में वर्षापात दर्ज किया गया.

सबसे ज्यादा 60 मिलीमीटर वर्षा राजमहल और महेशपुर में दर्ज की गयी. जमशेदपुर, मसानजोड़ और पाकुड़ में 50-50 मिमी वर्षा हुई, तो कोनेर, मोहारो एवं पुटकी में 30-30 मिमी बारिश हुई. चाईबासा, देवघर, गोड्डा, बोकारो और तेनुघाट में 20-20 मिमी वर्षा हुई.

ज्ञात हो कि अम्फान तूफान साहिबगंज से 200 किलोमीटर पूर्व में समुद्र के तट से टकराया था. अब कुछ ही घंटों बाद यह चक्रवाद कमजोर पड़ जायेगा और इसके बाद निम्न दबाव का क्षेत्र बनेगा, जिससे झारखंड में कुछ जगहों पर वर्षा हो सकती है.

गुरुवार को रांची और चतरा में बारिश हुई. चतरा जिला के इटखोरी में सुबह से ही मौसम का मिजाज बदल गया था. रिमझिम बारिश की फुहारें पड़ रही थीं. ठंडी हवाएं भी चल रही थी. रांची में तेज हवा के कारण पिछले तीन-चार दिन से पड़ रही गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना एवं पूर्वी मेदिनीपुर के अलावा इनके बीच पड़ने वाले 4 अन्य जिलों (हावड़ा, हुगली, कोलकाता और उत्तर 24 परगना) में चक्रवात ‘अम्फान’ ने भारी तबाही मचायी है. बुधवार (20 मई, 2020) को दोपहर 2:30 बजे दीघा के समुद्र तट से टकराने के बाद 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तटीय क्षेत्रों में तूफान ने तांडव मचाना शुरू किया.

चक्रवात ने रात 11:30 बजे तक तांडव मचाया. गुरुवार (21 मई, 2020) की सुबह मौसम विभाग के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक गणेश कुमार दास ने बताया कि रात 11:30 बजे तूफान कमजोर पड़ा और धीरे-धीरे बांग्लादेश की ओर बढ़ गया. वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिला में सबसे ज्यादा बर्बादी हुई है.

ममता बनर्जी ने बताया कि यह 300 साल बाद आया सबसे शक्तिशाली तूफान था. वर्ष 1737 में ऐसा भयंकर तूफान बंगाल में आया था. तब भी बड़ी तबाही मची थी. प्रशासन की सतर्कता की वजह से इस बार नुकसान कम हुआ है. उन्होंने बताया कि उत्तर तथा दक्षिण 24 परगना पूरी तरह से जलमग्न हो गये हैं. दोनों जिले राज्य के बाकी हिस्से से कट गये हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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