ED की कार्रवाई से JMM बिफरा, कहा- गैर भाजपाई सरकारों को काम नहीं करने देना चाहता केंद्र, कोर्ट से की अपील

सीएम, मंत्री एवं उनके अफसरों-कर्मियों से रोजाना सैकड़ों लोग मिलने आते हैं. जो मिलने आते हैं, वे जरूर लिखित फरियाद लेकर आते हैं. लोकप्रिय सरकार का यह दायित्व बनता है कि उनकी समस्या का समाधान करे
खासकर गैर भाजपा शासित राज्यों में इडी की लगातार कार्रवाई पर झामुमो ने सुप्रीम कोर्ट से दखल देते हुए स्वत: संज्ञान लेने की अपील की है. सीएमओ में प्रधान आप्त सचिव उदयशंकर के घर में इडी की छापेमारी पर झामुमो ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा प्रहार किया है.
सीएम, मंत्री एवं उनके अफसरों-कर्मियों से रोजाना सैकड़ों लोग मिलने आते हैं. जो मिलने आते हैं, वे जरूर लिखित फरियाद लेकर आते हैं. लोकप्रिय सरकार का यह दायित्व बनता है कि उनकी समस्या का समाधान करे. इसके लिए संबंधित अफसरों को फोन करे. संबंधित अफसरों को समस्या समाधान को लेकर फोन करना भी एक अजीब स्थिति बन गयी है.
दो साल बाद जब कोरोना खत्म हुआ, सरकार ने काम करना शुरू ही किया था कि केंद्र सरकार ने एक साजिश के तहत जांच एजेंसियों को लगा दिया. ऐसा माहौल पैदा किया जा रहा है कि सरकार कोई काम ही न करे. अब ऐसा लगने लगा है कि न केंद्र सरकार खुद काम करेगी और न गैर भाजपाई सरकारों को काम करने देगी.
इसलिए अब सुप्रीम कोर्ट को यह संज्ञान लेना चाहिए कि अब तक कितनी बार गैर भाजपाई सरकारों में सीबीआइ, आइटी और इडी की कार्रवाई हुई और कहां क्या निकला? उन्होंने कहा कि अब तो ये हालत हो गयी है कि अधिकारी जायज काम भी नहीं करना चाहते, इस डर से कि पता नहीं कब इडी और सीबीआइ आ जाये.
श्री भट्टाचार्य ने कहा कि मनरेगा से शुरू हुई कार्रवाई अब चपरासी-कर्मचारी तक पहुंच गयी है. एक सरकारी कर्मचारी के यहां बिना कोई नोटिस-समन के रात को इडी की टीम पहुंच जाती है. इडी को यह बताना चाहिए कि मामला कहां से शुरू, अब तक क्या हुआ? कितने पर जांच पूरी हुई, कितने पर चार्जशीट फ्रेम हुआ?
जांच एजेंसियां काम करनेवाली सरकार की छवि खराब करने में का काम नहीं करे. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि इडी की किसी भी कारवाई, पूछताछ एवं जांच की खबर मीडिया तक कैसे पहुंच रही है? उन्हें कौन ब्रिफिंग कर रहा है? क्या कोई प्रेस रिलीज जारी होती है? इसको लेकर भी कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए.
श्री भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र में आपकी बहुमत की सरकार है. आपके पास पावर है. अगर आप गैर भाजपाई सरकार को कहीं नहीं देखना चाहते हैं, तो एक प्रस्ताव लाकर घोषित कर दें कि जब तक यह सृष्टि रहेगी, केंद्र से लेकर राज्यों तक केवल और केवल भाजपा की सरकार रहेगी. सारी समस्या ही खत्म हो जायेगी. यह तो अजीब स्थिति बन गयी है. केंद्र सरकार पूरे संघीय ढांचे को समाप्त करने पर तुली है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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