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जागरूकता की कमी से बढ़ी अस्थमा की बीमारी

Updated at : 08 May 2024 12:04 AM (IST)
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जागरूकता की कमी से बढ़ी अस्थमा की बीमारी

रेडियो धूम के शो धूम उलाला में मेदांता हॉस्पिटल की रेस्पिरेटरी एंड स्लीप मेडिसिन की स्पेशलिस्ट डॉ देबदत्ता बंदोपाध्याय शामिल हुईं

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रांची. रेडियो धूम के शो धूम उलाला में मेदांता हॉस्पिटल की रेस्पिरेटरी एंड स्लीप मेडिसिन की स्पेशलिस्ट डॉ देबदत्ता बंदोपाध्याय शामिल हुईं. उन्होंने आरजे समीर के साथ मंगलवार को श्रोताओं से सांस और अस्थमा की बीमारी से जुड़ी खास बातें साझा की. उन्होंने सांस और अस्थमा की बीमारी के प्रति जागरूकता की कमी को इस बीमारी के बड़ा बनने का प्रमुख कारण बताया. उन्होंने बताया कि अस्थमा की बीमारी किसी को भी हो सकती है. इसमें इलाज के साथ बचाव की आवश्यकता ज्यादा होती है. ज्यादा गर्म और नम वातावरण से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसे वातावरण में मोल्ड स्पोर्स के फैलने की संभावना बढ़ जाती है. डॉ देबदत्ता ने घर से बाहर निकलने पर मास्क साथ रखने पर जोर दिया. शो के दौरान उन्होंने श्वसन और नींद चिकित्सा सलाहकार के नाते ऐसी बीमारियों के रिस्क फैक्टर्स के बारे में बताया. डॉक्टर से संपर्क करने के साथ ही उन्होंने लोगों को धूम्रपान से बचने और सिगरेट व शराब पीने से सांस लेने में परेशानी बढ़ने की बात कही. डॉ देबदत्ता बंदोपाध्याय ने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया. साथ ही बताया कि संतुलित आहार खाने और तनाव मुक्त जीवनशैली जीने से सांस की कार्यक्षमता में सुधार किया जा सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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