98वां जन्मदिन : झारखंड की मिट्टी में बिखरी है दिलीप कुमार के अभिनय की खुशबू
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 11 Dec 2020 1:08 PM
भारतीय सिनेमा के स्तंभ और अभिनय की दुनिया में 50 दशकों तक अपनी धाक रखनेवाले हरदिल अजीज दिलीप कुमार का 98वां जन्म दिन है़
भारतीय सिनेमा के स्तंभ और अभिनय की दुनिया में 50 दशकों तक अपनी धाक रखनेवाले हरदिल अजीज दिलीप कुमार का 98वां जन्म दिन है़ यह दिन झारखंड के लिए भी खास है़ झारखंड की मिट्टी में रूपहले पर्दे के इस बादशाह के अभिनय की खुश्बू बिखरी पड़ी है़ दिलीप साहब के साथ आज झारखंड का युवा सगीना महतो भी अपना जन्मदिन मनायेगा़ जी हां, इस झारखंड के युवा का किरदार दिलीप साहब ने निभाया था़ दिलीप कुमार का आज जन्मदिन भी है, ऐसे में झारखंड भी खिल उठा है़ अपनी पुरानी यादों को समेट और संजो रहा है़
अभिनय सम्राट दिलीप कुमार ने झारखंडी युवा का किरदार भी अदा किया है. 1970 में आयी फिल्म में दिलीप कुमार सगीना महतो के किरदार में थे. मूल रूप से बंगला भाषा में बनी इस फिल्म का निर्माण रांची के रहनेवाले हेमेन गांगुली ने जेके कपूर के साथ मिलकर किया था. फिल्म का निर्देशन तपन सिन्हा ने किया है. दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो फिल्म की अभिनेत्री थी. यह फिल्म 1942-43 में हुए श्रमिक आंदोलन की सच्ची घटना पर आधारित थी. मूल रूप से यह फिल्म सिल्लीगुड़ी स्थित चाय बगान के जनजातीय समुदाय के श्रमिक नेता पर आधारित थी. फिल्म की शूटिंग दार्जिलिंग और उसके आसपास के क्षेत्रों में हुई थी.
हिंदी में भी बनी थी फिल्म : सगीना महतो को सातवें माॅस्को अंतराष्ट्रीय फिल्म समारोह में नामांकित किया गया था. इससे प्रेरित होकर हेमेन गांगुली ने जेएन कपूर के ही साथ मिलकर 1974 में हिंदी फिल्म सगीना का निर्माण किया. इस फिल्म में उन्होंने उन्हीं कलाकारों को रखा, जो फिल्म के बांग्ला वर्जन में थे. फिल्म का संगीत अनूप घोषाल ने दिया था. हालांकि यह फिल्म बाॅक्स ऑफिस पर सफल साबित नहीं हो सकी. फिल्म को कोई पुरस्कार भी नहीं मिला.
सगीना में दिखाया था चाय बागान के श्रमिकों का दर्द:: फिल्म सगीना महतो चाय बागान पर श्रमिकों का दर्द दिखाने वाली संभवत पहली फिल्म थी. फिल्म में बताया गया था कि अंग्रेजी राज में किस प्रकार से चाय बागान में श्रमिकों का शोषण किया जाता है. शोषण के बीच दिलीप कुमार द्वारा अभिनीत फिल्म के हीरो सगीना महतो का उदय एक नेतृत्वकर्ता के रूप में होता है. फिल्म में अमल नाम के एक युवा वामपंथी से प्रेरित होकर दिलीप कुमार को शोषित मजदूरों के नेतृत्वकर्ता के रूप में दिखाया गया है.
लालपुर में है हेमेन गांगुली का घर:: सगीना महतो के निर्माता हेमेन गांगुली का घर लालपुर में है. उनके वंशज अभी भी वहीं रहते हैं. श्री गांगुली उस समय के सबसे बड़े फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स में से एक थे. राजकपूर, मीना कुमारी सहित कई बड़े सितारे उनसे मिलने रांची आया करते थे. हालांकि दिलीप कुमार के रांची आने की कोई पुष्ट सूचना नहीं है.
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बेतला आये थे दिलीप कुमार : अभिनेता दिलीप कुमार बेतला आये थे़ वहां ठहरे भी थे. हालांकि किसी फिल्म की शूटिंग नहीं हुई थी़ बेतला आने का उनका वृतांत विजिटर्स डायरी में दर्ज है़
Posted by : Pritish Sahay
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