यूजीसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष बनाए गए CUJ के वीसी प्रो क्षिति भूषण दास, बोले-गंभीरता से कार्य करेगी कमेटी

Updated at : 01 Jun 2023 10:04 PM (IST)
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यूजीसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष बनाए गए CUJ के वीसी प्रो क्षिति भूषण दास, बोले-गंभीरता से कार्य करेगी कमेटी

यूजीसी की स्थायी समिति मुख्य तौर पर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों व अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा मानकों का उल्लंघन ना हो, इस पर विशेष नजर रखेगी.

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रांची: उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ करने और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से यूजीसी ने एक स्थायी कमेटी गठित की है. उच्च स्तरीय कमेटी का चेयरमैन झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास को बनाया गया है. नौ सदस्यीय टीम में प्रो दास काफी अनुभवी हैं, जिसका लाभ पूरी कमेटी को मिलेगा. स्थायी समिति मुख्य तौर पर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों व अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा मानकों का उल्लंघन ना हो, इस पर विशेष नजर रखेगी. स्थायी समिति एम फिल या पीएचडी डिग्री अवार्ड के लिए न्यूनतम मानकों और प्रक्रियाओं पर यूजीसी विनियमों के उल्लंघन को नियंत्रित करने के उपायों पर सुझाव देगी.

स्थायी समिति का ये है कार्यक्षेत्र

1. दस्तावेजों के सत्यापन के लिए संस्थान या विश्वविद्यालयों की पहचान करना

2. संकाय नियुक्ति और पीएचडी प्रदान करने के संबंध में जानकारी एकत्र करना

3. नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चत करने या पीएचडी डिग्री के लिए दस्तावेजों का सत्यापन यूजीसी के विनियमों के अनुरूप हो

4. नियमों की अनदेखी या उल्लंघन के मामले में उचित कार्रवाई की सिफारिश करना

समिति को ये अधिकार होगा कि वह किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान के दस्तावेजों की जांच करके यह निर्धारित कर सकती है कि अमूक उच्च शिक्षा संस्थान यूजीसी के नियमों का पालन करता है या नहीं.

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नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता है गंभीर मसला

झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास ने स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाने पर यूजीसी को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज को मजबूती प्रदान कर सकता है. इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. अगर कोई शिक्षक गलत तरह से नियुक्त होगा तो वो समाज को क्या देगा? पीएचडी अवार्ड को लेकर कई शिकायतें पढ़ने-सुनने को मिलती हैं. इसे दूर करने के लिए हमारी स्थायी समिति गंभीरता से कार्य करेगी.

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