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NEET 2020, JEE Main Exam 2020 News : हेमंत सोरेन ने शिक्षा मंत्री को लिखा, नीट और जेइइ की परीक्षा को रद्द करें

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने NEET और JEE परीक्षा पर देश के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल नि:शंक को लिखा खत.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने NEET और JEE परीक्षा पर देश के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल नि:शंक को लिखा खत.
Prabhat Khabar

रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देश के शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल नि:शंक को गुरुवार (27 अगस्त, 2020) को एक खत लिखा. श्री सोरेन ने इस खत में शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि छात्रों की भावनाओं को देखते हुए मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा जेइइ (JEE) को फिलहाल स्थगित कर दें.

श्री सोरेन ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है. झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा है कि उन्होंने देश भर से छात्रों की ओर से की जा रही मांगों और इस सदी की सबसे बड़ी महामारी कोविड-19 के खिलाफ एकजुट होकर लड़ी जा रही जंग को देखते हुए देश के शिक्षा मंत्री डॉ नि:शंक से आग्रह किया है कि फिलहाल नीट और जेइइ की परीक्षाओं (#NEETJEE Exams) स्थगित कर दिया जाये.

श्री सोरेन ने कहा है कि मामले को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें. लोगों की सहूलियत और उनकी सुरक्षा के लिए इन परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दें. श्री सोरेन ने दो पन्ने का यह पत्र भी ट्वीट के साथ संलग्न किया है. इसमें श्री सोरेन ने लिखा है कि आपको पता है कि आइआइटी-जेइइ और नीट की परीक्षाएं सितंबर में होने जा रही हैं. दोनों ही प्रतियोगी परीक्षाएं किसी भी विद्यार्थी के करियर में बहुत अहमियत रखता है.

श्री सोरेन ने आगे लिखा है कि इन प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी सफलता या विफलता उनके भविष्य की दशा और दिशा तय करता है. इसलिए हर विद्यार्थी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश करता है. इसलिए यह अहम हो जाता है कि सभी विद्यार्थी इन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकें. पूरी सुरक्षा के साथ, मानसिक शांति के साथ.

श्री सोरेन ने शिक्षा मंत्री को याद दिलाया है कि इस वक्त पूरा देश कोविड-19 महामारी से लड़ने में व्यस्त है. लाखों लोग इस महामारी से संक्रमित हैं और हजारों लोगों की जानें जा चुकी हैं. अर्थव्यवस्था को भी इस महामारी ने बुरी तरह से प्रभावित किया है. सेहत खराब होने की आशंका और अर्थव्यवस्था में आये व्यवधान की वजह से लोग मानसिक तनाव में हैं.

हेमंत सोरेन ने खत में लिखा है कि यदि ये इम्तहान होंगे, तो उसके लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अन्य जरूरी सेवाओं मसलन होटल, लॉज और रेस्टोरेंट का खुलना जरूरी है, क्योंकि इस दौरान लाखों विद्यार्थी इधर से उधर जायेंगे. उनके साथ उनके अभिभावक भी होंगे. दूसरी तरफ, कोविड-19 से लड़ने के लिए कमर कस चुकी देश भर की सरकारों ने परिवहन सेवाओं को शुरू करने की अनुमति नहीं दी है. न ही किसी राज्य में होटल, रेस्तरां आदि खुल रहे हैं.

इन सेवाओं के अभाव में परीक्षा देने के लिए अपने घर से बाहर जाने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा. इतना ही नहीं, कई ऐसे भी विद्यार्थी होंगे, जो कंटेनमेंट जोन में रह रहे होंगे. ऐसे में उनका घर से बाहर निकलना भी मुश्किल होगा. ऐसा भी हो सकता है कि परीक्षा देने के इच्छुक कुछ विद्यार्थी या उनके अभिभावक या निकट परिजन कोरोना से संक्रमित हों. किसी भी सूरत में वे इम्तहान देने के लिए घर से बाहर नहीं जा पायेंगे.

श्री सोरेन ने यह भी कहा है कि इम्तहान देने के लिए जाने वाले बच्चों में से यह पहचान कर पाना भी मुश्किल होगा कि कौन कोरोना से संक्रमित है और कौन नहीं. ऐसे में यदि परीक्षाएं हुईं, तो अन्य विद्यार्थियों के साथ-साथ परीक्षकों में भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जायेगा. इसलिए परिस्थितियों को देखते हुए बड़े पैमाने पर लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे में डालने की बजाय परीक्षा को स्थगित करना बेहतर रहेगा.

Posted By : Mithilesh Jha

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