झारखंड में चल रहे सीआइडी जांच में आयेगी तेजी, इन बिंदुओं पर एडीजी ने अफसरों से मांगी जानकारी, दिया टास्क

एडीजी ने लंबित अनुसंधान को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. इसके लिए अफसरों को अलग-अलग टास्क भी दिया गया. साथ ही सीआइडी एडीजी ने क्षेत्रीय डीएसपी और सीआइडी टीम प्रभारी के लिए अलग-अलग तिथि भी निर्धारित की है. नौ जुलाई तक यह समीक्षा जारी रहेगी. इसके साथ ही एडीजी ने सीआइडी के सभी डीएसपी और टीम प्रभारी को केस की प्रगति व अन्य जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है.
CID Case In Jharkhand रांची : सीआइडी द्वारा राज्य में चल रहे अनुसंधान में तेजी लाने के लिए एडीजी प्रशांत सिंह ने समीक्षा शुरू कर दी है. मंगलवार को एडीजी ने सीआइडी मुख्यालय में विभिन्न केस के अनुसंधानकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की. पहली पाली में सीआइडी के डीएसपी बोकारो, डीएसपी पलामू और सीआइडी टीम प्रभारी बोकारो, धनबाद, पलामू, लातेहार और गढ़वा द्वारा अनुसंधान किये जा रहे केस की समीक्षा की गयी. दूसरी पाली में आर्थिक शाखा, एनडीपीएस और संगठित अपराध सहित कुछ अन्य शाखा से जुड़े मामलों की समीक्षा हुई.
एडीजी ने लंबित अनुसंधान को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. इसके लिए अफसरों को अलग-अलग टास्क भी दिया गया. साथ ही सीआइडी एडीजी ने क्षेत्रीय डीएसपी और सीआइडी टीम प्रभारी के लिए अलग-अलग तिथि भी निर्धारित की है. नौ जुलाई तक यह समीक्षा जारी रहेगी. इसके साथ ही एडीजी ने सीआइडी के सभी डीएसपी और टीम प्रभारी को केस की प्रगति व अन्य जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है.
केस का अनुसंधान कब ग्रहण किया गया. संक्षिप्त जानकारी और सुपर विजन रिपोर्ट दें.
वर्तमान में जांच किस वजह से लंबित है, इस बारे में स्पष्ट जानकारी दें.
मई में अनुसंधान के लिए लंबित केस की संख्या क्या थी और कितने केस का निष्पादन किया गया.
बीते छह माह में कितने केस का निष्पादन हुआ और माह के अंत में कितने केस अनुसंधान हेतु लंबित है.
जून में कितने शिकायत वाद जांच के लिए मिले और कितने में जांच पूरी हुई
पिछले छह माह में कितने शिकायतवाद का निष्पादन किया गया और लंबित जांच की संख्या क्या है.
Posted by : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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