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Monday, February 26, 2024

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झारखंड : मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना का राज्यादेश जारी, 1100 से अधिक लाभुकों के बीच बंटेगा ट्रैक्टर

ट्रैक्टर वितरण के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) एवं सत्यापन के लिए जीपीएस सिस्टम का प्रयोग किया जायेगा. इस योजना का तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) से अनुश्रवण और मूल्यांकन भी कराया जोयगा.

रांची : कई वर्षों के बाद फिर कृषि विभाग बड़े ट्रैक्टर का वितरण करेगा. इसका राज्यादेश कृषि विभाग ने निकाल दिया है. विभाग 80 करोड़ रुपये की लागत से अगले दो साल तक करीब 1100 ट्रैक्टर का वितरण किसान या किसान समूहों के बीच करेंगे. किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर ट्रैक्टर दिया जायेगा. इसके साथ किसानों को दो कृषि उपकरण भी दिया जायेगा. कुल पैकेज 10 लाख रुपये का होगा. कृषि यंत्रों पर 80 फीसदी अनुदान दिया जायेगा. किसानों को ट्रैक्टर के साथ दो कृषि यंत्र लेना अनिवार्य किया गया है.

पूर्व मंत्री और मुख्यमंत्री के जिले में सबसे अधिक लक्ष्य

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने पूर्व मंत्री और मुख्यमंत्री के जिले के लिए सबसे अधिक लक्ष्य निर्धारित किया है. देवघर और दुमका जिले में किसानों के बीच 120-120 ट्रैक्टर वितरण का लक्ष्य रखा गया है. सबसे कम वितरण का लक्ष्य रामगढ़ जिले कि लिए है. यहां मात्र 20 ट्रैक्टर का वितरण होना है. रांची जिले में 70 ट्रैक्टर वितरण का लक्ष्य रखा गया है.

जीपीएस लगा रहेगा ट्रैक्टर में

ट्रैक्टर वितरण के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) एवं सत्यापन के लिए जीपीएस सिस्टम का प्रयोग किया जायेगा. इस योजना का तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) से अनुश्रवण और मूल्यांकन भी कराया जोयगा. जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, सहायक निदेशक सर्वे, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, भूमि संरक्षण सर्वे पदाधिकारी, सहायक कृषि अभियंता द्वारा ट्रैक्टर और उसके सहायक यंत्रों की गुणवत्ता की जांच की जायेगी. मानक या गुणवत्ता में विचलन होने पर संबंधित पदाधिकारी और आपूर्तिकर्ता सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे. जेएएमटीटीसी के कार्यपालक निदेशक, संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण), उप निदेशक भूमि संरक्षण यंत्रों की गुणवत्ता, मानक एवं वितरण का औचक निरीक्षण व भौतिक सत्यापन कर सकेंगे. लाभुक समूह यह घोषणा पत्र देंगे कि ट्रैक्टर या इससे संबंधित किसी अन्य उपकरण का विक्रय या स्थानांतरण अगले तीन साल तक नहीं करेंगे.

किस जिले में कितना ट्रैक्टर बांटा जायेगा

रांची-70, खूंटी-30, लोहरदगा-30, गुमला-40, सिमडेगा-30, पूर्वी सिंहभूम-40, सरायकेला-खरसावां-30, प. सिंहभूम-75, लातेहार-30, दुमका-120, साहिबगंज-75, पाकुड़-30, जामताड़ा-30, गोड्डा-35, पलामू-55, देवघर-120, गढ़वा-20, हजारीबाग-70, रामगढ़-20, कोडरमा-21, चतरा-45, गिरिडीह-52, बोकारो-22, धनबाद-22.

Also Read: झारखंड: सीएम चंपाई सोरेन आज पलामू में, सिंचाई योजना का करेंगे शिलान्यास

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ट्रैक्टर वितरण के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) एवं सत्यापन के लिए जीपीएस सिस्टम का प्रयोग किया जायेगा. इस योजना का तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) से अनुश्रवण और मूल्यांकन भी कराया जोयगा.

रांची : कई वर्षों के बाद फिर कृषि विभाग बड़े ट्रैक्टर का वितरण करेगा. इसका राज्यादेश कृषि विभाग ने निकाल दिया है. विभाग 80 करोड़ रुपये की लागत से अगले दो साल तक करीब 1100 ट्रैक्टर का वितरण किसान या किसान समूहों के बीच करेंगे. किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर ट्रैक्टर दिया जायेगा. इसके साथ किसानों को दो कृषि उपकरण भी दिया जायेगा. कुल पैकेज 10 लाख रुपये का होगा. कृषि यंत्रों पर 80 फीसदी अनुदान दिया जायेगा. किसानों को ट्रैक्टर के साथ दो कृषि यंत्र लेना अनिवार्य किया गया है.

पूर्व मंत्री और मुख्यमंत्री के जिले में सबसे अधिक लक्ष्य

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने पूर्व मंत्री और मुख्यमंत्री के जिले के लिए सबसे अधिक लक्ष्य निर्धारित किया है. देवघर और दुमका जिले में किसानों के बीच 120-120 ट्रैक्टर वितरण का लक्ष्य रखा गया है. सबसे कम वितरण का लक्ष्य रामगढ़ जिले कि लिए है. यहां मात्र 20 ट्रैक्टर का वितरण होना है. रांची जिले में 70 ट्रैक्टर वितरण का लक्ष्य रखा गया है.

जीपीएस लगा रहेगा ट्रैक्टर में

ट्रैक्टर वितरण के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) एवं सत्यापन के लिए जीपीएस सिस्टम का प्रयोग किया जायेगा. इस योजना का तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) से अनुश्रवण और मूल्यांकन भी कराया जोयगा. जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, सहायक निदेशक सर्वे, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, भूमि संरक्षण सर्वे पदाधिकारी, सहायक कृषि अभियंता द्वारा ट्रैक्टर और उसके सहायक यंत्रों की गुणवत्ता की जांच की जायेगी. मानक या गुणवत्ता में विचलन होने पर संबंधित पदाधिकारी और आपूर्तिकर्ता सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे. जेएएमटीटीसी के कार्यपालक निदेशक, संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण), उप निदेशक भूमि संरक्षण यंत्रों की गुणवत्ता, मानक एवं वितरण का औचक निरीक्षण व भौतिक सत्यापन कर सकेंगे. लाभुक समूह यह घोषणा पत्र देंगे कि ट्रैक्टर या इससे संबंधित किसी अन्य उपकरण का विक्रय या स्थानांतरण अगले तीन साल तक नहीं करेंगे.

किस जिले में कितना ट्रैक्टर बांटा जायेगा

रांची-70, खूंटी-30, लोहरदगा-30, गुमला-40, सिमडेगा-30, पूर्वी सिंहभूम-40, सरायकेला-खरसावां-30, प. सिंहभूम-75, लातेहार-30, दुमका-120, साहिबगंज-75, पाकुड़-30, जामताड़ा-30, गोड्डा-35, पलामू-55, देवघर-120, गढ़वा-20, हजारीबाग-70, रामगढ़-20, कोडरमा-21, चतरा-45, गिरिडीह-52, बोकारो-22, धनबाद-22.

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