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Jharkhand News: छठ महापर्व शुरू होते ही झारखंड में बिजली व्यवस्था चरमरायी, जानें क्या है इसकी वजह

Updated at : 29 Oct 2022 8:22 AM (IST)
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Jharkhand News: छठ महापर्व शुरू होते ही झारखंड में बिजली व्यवस्था चरमरायी, जानें क्या है इसकी वजह

छठ में महापर्व की शुरूआत हो गयी है, लेकिन पूरे राज्य में बिजली संकट गहरा गया है. राज्य में करीब 1300 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करनी थी, लेकिन 800 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध थी.ग्रिडों की मांग की तुलना में एक चौथाई भी बिजली नहीं दी जा रही है.

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छठ महापर्व शुरू होते ही राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में बिजली संकट गहरा गया है. राजधानी में लगातार लोडशडिंग कर आपूर्ति की जा रही है. ग्रिडों की मांग की तुलना में एक चौथाई भी बिजली नहीं दी जा रही है. मांग के अनुरूप राज्य में 500 मेगावाट बिजली की कमी है. मांग करीब 1300 मेगावाट की थी, पर 800 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध थी. इस कारण पूरा राज्य में जमकर लोड शेडिंग हो रही है.

इस कारण कम मिल रही बिजली :

टीवीएनएल की यूनिट नंबर एक बुधवार से ट्यूब लिकेज के कारण बंद है. इससे 200 मेगावाट बिजली नहीं मिल पा रही है. वहीं एनटीपीसी की फरक्का यूनिट में कुछ तकनीकी खामी आयी है, जिस कारण 60 से 70 मेगावाट कम बिजली दी जा रही है. दूसरी ओर झारखंड बिजली वितरण निगम (जेबीवीएनएल) को पीक आवर में अतिरिक्त बिजली खरीदने पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की रोक लगी हुई है.

करेंट बिल के भुगतान में 45 दिनों का विलंब होने पर केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिसिटी (लेट पेमेंट सरचार्ज एंड रिलेटेड मैटर्स) रूल्स 2022 के तहत रोक लगा रखी है. इस कारण ओपन एक्सेस सिस्टम से जेबीवीएनएल चाहकर भी अतिरिक्त बिजली नहीं ले सकता. इससे लगभग 300 मेगावाट बिजली नहीं मिल पा रही है.

राज्य के अन्य क्षेत्रों में लोडशेडिंग

राज्य के अन्य हिस्सों हजारीबाग, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, कोल्हान, पलामू और संथाल इलाकों में भी बिजली की लोडशेडिंग चल रही थी. हालांकि शनिवार को स्थिति सामान्य होने की बात कही गयी है. झारखंड को खबर लिखने तक एनटीपीसी से 390 मेगावाट, टीवीएनएल से 180 मेगावाट, सिकिदिरी हाइडल से 110 मेगावाट, इनलैंड से 53 मेगावाट व अन्य स्रोत से लगभग 100 मेगावाट बिजली मिल रही थी. हालांकि डीवीसी कमांड एरिया में 450 मेगावाट बिजली दी जा रही थी, लेकिन वहां भी लोडशेडिंग हो रही थी.

रांची को 350 की जगह 100 मेगावाट ही बिजली

रांची को शाम को पीक ऑवर में कम बिजली मिल रही है. रांची में पीक ऑवर में करीब 350 मेगावाट की खपत होती है, लेकिन रांची को कम से कम लगभग 100 मेगावाट ही बिजली मिल रही थी. कांके ग्रिड को 60 की जगह 20, हटिया ग्रिड को 100 की जगह 40 , नामकुम ग्रिड को 100 की जगह 20, बुढ़मू ग्रिड को 50 की जगह पांच मेगावाट, तमाड़ ग्रिड को 40 की जगह पांच मेगावाट और खूंटी ग्रिड को भी 40 की जगह पांच मेगावाट बिजली मिल रही थी. राजधानी के कोकर, कांके, पुंदाग, रातू रोड, खादगढ़ा, मधुकम, किशोरगंज, डोरंडा, धुर्वा, चुटिया और नामकुम इलाकों में जमकर लोडशेडिंग हो रही थी. वहीं ग्रामीण क्षेत्र में तो 24 घंटे में आठ घंटे भी बिजली नहीं दी गयी है.

टीवीएनएल की एक नंबर यूनिट लाइटप

टीवीएनएल के एमडी अनिल शर्मा ने बताया कि बुधवार से ट्यूब लिकेज की वजह से बंद पड़ी एक नंबर यूनिट को शुक्रवार को शाम 7.15 बजे लाइटअप कर दिया गया है. देर रात 11 बजे से बिजली आपूर्ति आरंभ हो जायेगी.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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