कर्मचारियों के मेडिकल रिंबर्समेंट पर 230 करोड़ खर्च करता है CCL, इतने में तो अपना बड़ा अस्पताल खोल लेती कंपनी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Nov 2023 6:58 AM
230 करोड़ में तो सीसीएल का नया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खुल जाता. सीसीएल के रोगियों का इलाज अपने अस्पताल में हो पाता. सीसीएल के अपने अस्पताल भी हैं. पर उनकी स्थिति बेहतर नहीं है.
मनोज सिंह, रांची :
कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई सेंट्रल कोल फील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने पिछले चार साल में अपने कर्मियों की मेडिकल प्रतिपूर्ति (रिंबर्समेंट) पर करीब 230 करोड़ रुपये खर्च किये हैं. वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह राशि सर्वाधिक (88.52 करोड़ रुपये) रही. कंपनी अपने या दूसरे सूचीबद्ध अस्पतालों में भी इलाज कराने पर रिंबर्समेंट करती है. कंपनी के अस्पताल के अंदर इलाज कराने पर कर्मियों को दवा व अन्य उपकरण की राशि रिंबर्स की जाती है. इलाज के दौरान दवा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ऐसा होता है. जिनका इलाज कंपनी में संभव नहीं हो पाता है, उसको आउटसाइड रिंबर्समेंट कहा जाता है.
सीसीएल से हर साल औसतन 2500 कर्मियों को इलाज के लिए कंपनी के बाहर के अस्पतालों में भेजा जाता है. जानकार कहते हैं, 230 करोड़ में तो सीसीएल का नया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खुल जाता. सीसीएल के रोगियों का इलाज अपने अस्पताल में हो पाता. सीसीएल के अपने अस्पताल भी हैं. पर उनकी स्थिति बेहतर नहीं है.
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सीसीएल में पिछले चार साल में ही इलाज पर प्रतिपूर्ति का खर्च दोगुना हो गया है. 2019-20 में कंपनी के अंदर और बाहर कर्मियों के इलाज पर प्रतिपूर्ति के रूप में 46.72 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे. यही खर्च बीते साल 88.52 करोड़ रुपये के करीब हो गया है. 2019-20 में कंपनी के अंदर अस्पताल में इलाज कराने पर करीब 22.66 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे. वहीं दूसरे अस्पतालों को कंपनी के कर्मियों के इलाज के लिए करीब 24 करोड़ रुपये दिये गये थे.
सीसीएल ने 2022 में सबसे अधिक कर्मियों को कंपनी के बाहर के अस्पतालों में रेफर किया. 2021 में 2923 कर्मियों को रेफर किया गया था. वहीं, 2022 में 3013 कर्मियों को कंपनी ने रेफर किया था. 2023 में अब तक 2580 कर्मियों को दूसरे अस्पतालों में इलाज के लिए रेफर किया गया है. वहीं कंपनी के अस्पताल में 2022 में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या तीन वर्षों के दौरान कम रही. 2021 में कंपनी के अस्पतालों में 64 हजार से अधिक, 2023 में करीब 53 हजार और वर्ष 2022 में करीब 46 हजार कर्मियों ने इलाज कराया था.
रिंबर्समेंट पर कंपनी का खर्च
वर्ष राशि (करोड़ में)
2019-20 46.72
2020-21 39.15
2021-22 56.34
2022-23 88.52
सीसीएल के अस्पताल में कर्मचारियों को प्रतिपूर्ति में परेशानी होती है. सीसीएल के एक कर्मी की पत्नी ने बिना सूचना के राजधानी के एक अस्पताल में इलाज कराया था. इमरजेंसी में बिना सूचना दिये ही ऑपरेशन, कंपनी से ही रिटायर एक चिकित्सक ने कर दिया. इस पर करीब 60 हजार रुपये का बिल आया. आवेदन करने के बाद भी यह कहकर प्रतिपूर्ति नहीं मिली कि गांधीनगर अस्पताल में यह ऑपरेशन किया जा सकता था.
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