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झारखण्ड: CA सुमन की डायरी ने खोला अवैध खनन और कमीशनखोरी का राज

Updated at : 06 Dec 2022 8:05 AM (IST)
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झारखण्ड: CA सुमन की डायरी ने खोला अवैध खनन और कमीशनखोरी का राज

झारखण्ड राज्य में चल रहे अवैध खनन की वसूली जिला खनन पदाधिकारियों का माध्यम से की जाती रही है. सुमन कुमार के वाट्सएप चैट के डाटा की जांच में अवैध खनन से मिलनेवाली राशि सीए सुमन कुमार के पास जमा कराये जाने के सबूत मिले हैं.

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Jharkhand News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापामारी के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) सुमन कुमार सिंह के ठिकानों से मिली डायरी ने झारखंड में चल रहे अवैध खनन और कमीशनखोरी का राज खोला है. सुमन की डायरी में उसके पास कमीशन की रकम जमा कर शेल कपंनियों के सहारे लांड्रिंग करनेवाले अधिकारियों के नाम कोड वर्ड में लिखे मिले. उसी डायरी में पूजा सिंघल के लिए कोड वर्ड के रूप में ‘पीएम’ लिखा हुआ है. साथ ही उनके माध्यम से किये गये लेन-देन का ब्योरा मिला है. कोड वर्ड में राज्य के जिन दूसरे बड़े अधिकारियों के नामों का उल्लेख किया गया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए इडी और सबूत इकट्ठा कर रहा है.

ईडी ने मनरेगा घोटाले की जांच के दौरान छह मई 2022 को पूजा सिंघल सहित उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापा मारा था. इसी छापामारी के दौरान सीए सुमन के ठिकानों से एक डायरी और खान व उद्योग विभाग से संबंधित कागजात मिले थे. सरकार के जुड़े कागजात में जब किसी लीजधारक या उद्योग के पक्ष में कोई फैसला होता था, तो उसकी कॉपी वाट्सएप पर सुमन को भेजी जाती थी. इसका उद्देश्य काम के बदले कमीशन वसूलना होता था. सुमन को वाट्सएप पर दस्तावेज भेज कर इस बात का संकेत दिया जाता था कि अब इस काम के बदले पैसा लेना है. इडी के अधिकारियों ने सुमन की डायरी में लिखी बातों के सहारे ही राज्य में अवैध खनन से जुड़े मामलों की जांच के लिए कदम बढ़ाया.

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छापामारी में मिले दस्तावेज में सरकार के बड़े अधिकारियों का उल्लेख होने की वजह से ही इडी की ओर से कोर्ट में यह कहा जाता था कि वह छापामारी में मिले दस्तावेज और अन्य सूचनाएं राज्य सरकार की एजेंसियों के साथ शेयर नहीं करना चाहती है. सुमन कुमार ने पूछताछ के दौरान अपनी डायरी में लिखे ‘पीएम‘ कोड वर्ड का इस्तेमाल पूजा मैडम के लिए करने की बाद स्वीकार की है. साथ ही डायरी अपनी लिखावट में होने की बात स्वीकार की है. पीएम कोड वर्ड के लिए लेन देन का ब्योरा इडी की छापामारी से करीब एक महीने पहले से है. इससे पहले के हिसाब-किताब का ब्योरा सुमन के पास नहीं मिला. इससे इस बात की आशंका जतायी जा रही है कि सुमन ने उसे नष्ट कर दिया होगा. इस डायरी के एक पन्ने में सात अप्रैल 2022 से 22अप्रैल 2022 तक का हिसाब लिखा हुआ है. डायरी में सात अप्रैल की तिथि पर ओपनिंग बैलेंस 943.25 लिखा हुआ है.

डायरी में राशि के उल्लेख के लिए लाख इकाई का इस्तेमाल किया गया है. यानी डायरी के अनुसार सात अप्रैल 2022 के दिन ‘पीएम’ के नाम पर नौ करोड़ 43 लाख 25 हजार रुपये जमा था. डायरी में हिसाब किताब के लिए जोड़ और घटाव के चिह्न का इस्तेमाल किया गया है. पैसा आने पर जोड़ और सुमन के पास जमा पैसों में से किसी को देने पर घटाव के चिह्न का इस्तेमाल किया गया है. डायरी के एक दूसरे पन्ने में वर्ष 2021 के दौरान जमीन खरीद के दौरान दी गयी राशि के अलावा स्टैंप ड्यूटी और कोर्ट फीस मद में हुए खर्च का ब्योरा दर्ज है.

एमओ के माध्यम से वसूली

राज्य में चल रहे अवैध खनन की वसूली जिला खनन पदाधिकारियों का माध्यम से की जाती रही है. सुमन कुमार के वाट्सएप चैट के डाटा की जांच में अवैध खनन से मिलनेवाली राशि सीए सुमन कुमार के पास जमा कराये जाने के सबूत मिले हैं.

20 किलो भेजा

11 दिसंबर, 221 को सुमन कुमार और साहिबगंज के जिला खनन पदाधिकारी विभूति कुमार के बीच मैसेज के आदान-प्रदान से यह जानकारी मिली है कि उस दिन पंकज नाम के किसी व्यक्ति द्वारा 20 लाख रुपये सुमन के पास भेजे गये थे. खनन पदाधिकारी ने सुमन को भेजे गये संदेश में लिखा था कि 20 किलो डिलेवर कर दिया. बाकी इसी हफ्ते.

रिपोर्ट : शकील अख्तर, रांची

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