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सीए व उसके सहयोगियों ने कमीशन लेकर बीरेंद्र राम की काली कमाई को सफेद बनाया, ताराचंद ने बात कबूली

Updated at : 26 Jun 2023 8:08 AM (IST)
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सीए व उसके सहयोगियों ने कमीशन लेकर बीरेंद्र राम की काली कमाई को सफेद बनाया, ताराचंद ने बात कबूली

बीरेंद्र राम की काली कमाई को 0.2 से 0.75 प्रतिशत कमीशन लेकर सफेद किया गया. इस काम में सीए मुकेश मित्तल, नीरज मित्तल, राम प्रकाश भाटिया और ताराचंद सहित अन्य लोग शामिल हैं. जांच में इसकी पुष्टि हुई है कि ताराचंद के पास और भी फर्जी पैन व आधार कार्ड हैं.

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रांची : बीरेंद्र राम की काली कमाई को 0.2 से 0.75 प्रतिशत कमीशन लेकर सफेद किया गया. इस काम में सीए मुकेश मित्तल, नीरज मित्तल, राम प्रकाश भाटिया और ताराचंद सहित अन्य लोग शामिल हैं. जांच में इसकी पुष्टि हुई है कि ताराचंद के पास और भी फर्जी पैन व आधार कार्ड हैं. ईडी ने पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में अभियुक्तों को पेश करते हुए यह जानकारी दी है.

ताराचंद के पास तीन फर्जी आधार और पैन कार्ड मिले

ईडी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जांच के पहले चरण में ताराचंद के पास तीन फर्जी आधार और पैन कार्ड मिले थे. इन फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर तीन कंपनियां खोली गयीं और बीरेंद्र राम के पिता गेंदा राम के खाते (127000628767) में 4.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये. जांच के दौरान तारा चंद के पास सचिन गुप्ता के अलावा बिट्टू कुमार गर्ग के नाम पर भी फर्जी आधार व पैन कर्ड मिला है. तारा चंद के पास सचिन गुप्ता के नाम पर चौथा फर्जी पैन कार्ड (DQIPG9156C) मिला है. ताराचंद के पास बिट्टू कुमार के नाम पर मिले फर्जी आधार का नंबर 633823956165 और परमानेंट अकाउंट नंबर DZOPG5249D है.

ताराचंद ने ब्लैक मनी को ह्वाइट करने की बात कबूली

पूछताछ में ताराचंद ने नीरज मित्तल के निर्देश पर अपनी तस्वीर लगा कर फर्जी आधार व पैन बना कर बैंक अकाउंट खोलने और उसका इस्तेमाल कर ब्लैक मनी को ह्वाइट करने की बात स्वीकार की है. जांच में पाया गया है कि टेंडर प्रक्रिया में बीरेंद्र राम द्वारा वसूली गयी रकम सीए मुकेश मित्तल के पास पहुंचती है. इसके बाद नीरज मित्तल और राम प्रकाश भाटिया कमीशन लेकर इस रकम को बैंकिंग चैनलों के माध्यम से घुमा कर बीरेंद्र राम, उसकी पत्नी और पिता सहित रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर करते हैं. बीरेंद्र ने अपनी काली कमाई से ही अपने पिता के नाम पर दिल्ली के साकेत में 22.50 करोड़ रुपये में संपत्ति खरीदी है. इस खरीद-बिक्री में सिर्फ चार करोड़ रुपये का भुगतान ही बैंक के जरिये किया गया है. जबकि, शेष 18.5 करोड़ रुपये का नकद भुगतान किया गया है. बैंकिंग चैनल से किया गया भुगतान भी बीरेंद्र राम का काली कमाई है. ईडी ने कोर्ट को बताया कि राम प्रकाश भाटिया और मुकेश मित्तल के बीच बीरेंद्र राम के ब्लैक मनी को ह्वाइट करने का समझौता हुआ था.

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पैसा ट्रांसफर करने के बदले भाटिया को सात लाख रुपये का भुगतान

इसके तहत बीरेंद्र व उसके पारिवारिक सदस्यों के खाते में पैसा ट्रांसफर करने के बदले भाटिया को सात लाख रुपये का भुगतान किया जाना था. इस समझौते के तहत मुकेश मित्तल के पास पैसा पहुंचने के बाद राम प्रकाश भाटिया उसे लेकर बैंकिंग चैनलों के माध्य से मनीष, राकेश केडिया, नेहा श्रेष्ठा आदि के बैंक खातों में ट्रांसफर करता था. इसके बाद इसे बीरेंद्र के पारिवारिक सदस्यों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता था. बैंकिंग चैनलों के सहारे ब्लैक मनी को ह्वाइट करने पर भाटिया को मुकेश 0.75 प्रतिशत और नीरज 0.2-0.3 प्रतिशत कमीशन देता था. ताराचंद के फर्जी आधार और पैन का इस्तेमाल करने के बदले इंट्री ऑपरेटर उसे भी कमीशन देते थे.

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