ePaper

Ranchi News : बिल्डर अगर एसटी लैंड पर भवन बनाकर बेचता है, तो होगी कार्रवाई : झारेरा

Updated at : 26 Mar 2025 7:47 PM (IST)
विज्ञापन
Ranchi News : बिल्डर अगर एसटी लैंड पर भवन बनाकर बेचता है, तो होगी कार्रवाई : झारेरा

झारेरा ने बिल्डर व उपभोक्ताओं के लिए कार्यशाला का आयोजन किया. बिल्डरों और आर्किटेक्ट को रेरा में भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

विज्ञापन

रांची. एसटी लैंड पर यदि कोई बिल्डर बिना उपभोक्ताओं को जानकारी दिये भवन बनाकर फ्लैट बेचता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. यह बात झारेरा के अध्यक्ष बीरेंद्र भूषण ने कही. वह झारेरा द्वारा बिल्डर व उपभोक्ताओं के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. होटल रेडिशन ब्लू में आयोजित कार्यशाला में अध्यक्ष ने कहा कि कई बार ऐसी शिकायत मिलती है कि एसटी जमीन पर बिल्डर ने भवन बना दिया. बाद में उपभोक्ताओं को परेशानी होती है. ऐसे में रेरा फ्लैट लेनेवालों के पक्ष में ही फैसला देगा. बिल्डर को जुर्माना भी देना पड़ सकता है.

बिल्डरों ने रेरा में रजिस्ट्रेशन कराने का किया विरोध

वहीं, बिल्डरों का कहना था कि यह तो नक्शा पास करने से पहले नगर निगम को जांच करनी चाहिए कि जमीन की प्रकृति कैसी है. श्री भूषण ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में यह प्रावधान किया जा रहा है कि सभी बिल्डरों व आर्किटेक्ट को रेरा में भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा. अभी बिल्डर नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराते हैं. हालांकि, बिल्डरों ने इसका विरोध किया. उनका कहना था कि पूरे राज्य में एक समान नियमावली बने. एस्क्रो एकाउंट भी अनिवार्य है.

टाइम फ्रेम में भवन बनाकर देना होगा

अध्यक्ष ने कहा कि इंडिविजुअल भवन के लिए तीन प्लस टू साल का टाइम फ्रेम होगा. जबकि, ग्रुप हाउसिंग के लिए फाइव पल्स टू साल का होगा. इस टाइम फ्रेम में ही बिल्डर को भवन बनाकर देना होगा. उन्होंने कहा कि लैंड ऑनर से भी जीएसटी लेना बिल्डरों की जवाबदेही होगी. लैंड ऑनर को भी फ्लैट में हिस्सा मिलता है, वे फ्लैट बेचते भी हैं. तब जीएसटी कलेक्ट करने की जवाबदेही बिल्डर की बनती है.

पार्किंग में हाइट का रखें ध्यान

अध्यक्ष ने कहा कि अपार्टमेंट में स्टेक पार्किंग में हाइट का ध्यान नहीं रखा जाता है. इस कारण ऊंची गाड़ी लेने वालों को परेशानी होती है. इसलिए जहां भी स्टेक पार्किंग बनाते हैं, वहां हाइट का ध्यान रखें. यह भी कहा गया कि सेट बैक पार्किंग यदि बनाते हैं, तो वहां ड्राइव वे होना चाहिए. अध्यक्ष ने कहा कि स्टेक पार्किंग व ड्राइव वे पार्किंग के लिए वह नियमावली में संशोधन के लिए नगर निगम के साथ भी बैठक करेंगे. ताकि, नक्शा पास करते समय इस बात का ध्यान रखा जाये.

डुप्लेक्स की जगह भवन बनाया, तो देना होगा जुर्माना

कहा गया कि कई बार ऐसा मामला आता है कि बिल्डर डुप्लेक्स बुक करते हैं. बाद में प्लान चेंज कर वहां भवन बनाना चाहते हैं. वे क्रेता पर पैसा वापस लेने का दबाव बनाते हैं. ऐसे मामलों में पैसा वापस करने के साथ-साथ इंटरेस्ट व जुर्माना भी देना पड़ेगा. झारेरा के सलाहकार व पूर्व अध्यक्ष रणजीत कुमार चौधरी ने कहा कि रेरा उपभोक्ताओं के हितों का ख्याल रखता है. उन्होंने कहा कि बिल्डरों के लिए प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. क्रेडाइ रांची के अध्यक्ष विजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि रेरा के गठन के बाद से रियल स्टेट में पारदर्शिता आयी है. रेरा की वजह से हर तिमाही पर रिटर्न फाइल करना अनिवार्य है.

होम लेने के बारे में दी जानकारी

बैंक ऑफ इंडिया की चीफ मैनेजर रीना तिर्की ने होम लेने के बाबत जानकारी दी. रेरा के सीए सुमित मित्तल ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि वेबपेज में अपडेट करना बिल्डर की जवाबदेही है. उन्होंने कई एक्ट व नियमावली के बाबत जानकारी दी. झारखंड रेरा के ओएसडी नीरज श्रीवास्तव ने अमिताभ कांत कमेटी की अनुशंसा की जानकारी दी. कार्यक्रम में कई बिल्डर, उपभोक्ता व बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJIV KUMAR

लेखक के बारे में

By RAJIV KUMAR

RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola