झारखंड भाजपा का संकल्प-पत्र : 3100 रुपए में खरीदेंगे किसानों का धान, 24 घंटे में पैसे अकाउंट में

BJP Sankalp Patra 2024 Jharkhand: अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया. कहा कि 3100 रुपए में किसानों से धान की खरीद होगी. 24 घंटे में पैसे मिल जाएंगे.
BJP Sankalp Patra 2024 Jharkhand|Minimum Support Price of Paddy|भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड की जनता से वादा किया है कि प्रदेश में उनकी सरकार बनी, तो किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान के एक-एक दाने की खरीद होगी. खरीद के 24 घंटे के अंदर किसानों के खाते में धान का पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
किसानों के लिए भाजपा सरकार शुरू करेगी ‘कृषक सु-नीति’
अमित शाह ने रविवार को रांची में झाखंड विधानसभा चुनाव 2024 का संकल्प पत्र जारी किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि झारखंड में भाजपा की सरकार बनने पर यहां ‘कृषक सु-नीति’ शुरू की जाएगी. इसके तहत धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 3100 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ाया जाएगा.
बिना कटनी-छटनी के धान के पूरे वजन का पैसा मिलेगा
उन्होंने कहा कि बिना किसी कटनी-छटनी के धान के पूरे वजन का पैसा धान खरीद के 24 घंटे के भीतर किसानों के बैंक अकाउंट में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए भेज दिए जाएंगे. अमित शाह ने झारखंड के छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी भाजपा के संकल्प पत्र में बड़ी घोषणा है.
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झारखंड में फिर से शुरू होगी ‘कृषि आशीर्वाद योजना’
अमित शाह ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों और पशुपालकों को प्रति एकड़ 5000 रुपए की दर से 25,000 रुपए तक दिए जाएंगे. इसके लिए ‘कृषि आशीर्वाद योजना’ की फिर से शुरुआत की जाएगी. उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक झारखंड में ‘सिंचाई क्षेत्र को 3 गुणा’ करने का लक्ष्य है.
अरहर और मड़ुआ का भी तय होगा एमएसपी
इतना ही नहीं, भाजपा के संकल्प पत्र में यह भी कहा गया है कि ग्रामीण आजीविका बढ़ाने के लिए एमएसपी में अरहर और मड़ुआ को शामिल किया जाएगा. साथ ही आदिवासी ब्लॉक में प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने का भी वादा भाजपा ने झारखंड की जनता से अपने संकल्प पत्र में किया है.
ग्रामीण आजीविका को ऐसे दिया जाएगा बढ़ावा
- अरहर और मड़ुआ को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तंत्र में शामिल किया जाएगा.
- आदिवासी बहुल हर ब्लॉक में प्रसंस्करण और भंडारण केंद्र की स्थापना होगी, ताकि केंदू पत्ता, मड़ुआ और मशरूम जैसे वन उत्पादों का मूल्यवर्द्धन किया जाएगा.
- बड़े लैम्पस का गठन होगा, ताकि उत्पादों के लिए ऋण सहायता और बाजार उपलब्ध करवाया जा सके.
- वन आधारित समुदायों को महुआ, केंदू पत्ते, इमली, साल बीज और चिरौंजी जैसे प्रमुख वन उत्पादों की खरीद की जाएगी.
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By Mithilesh Jha
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