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झारखंड : अभ्यास पाठ के लिए सुदूरवर्ती गांवों के स्कूलों में भेजने से बीएड ट्रेनी परेशान

Updated at : 23 Jul 2023 1:28 PM (IST)
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झारखंड : अभ्यास पाठ के लिए सुदूरवर्ती गांवों के स्कूलों में भेजने से बीएड ट्रेनी परेशान

बीएड के (सत्र 2021-23 व 2022-24) प्रशिक्षुओं को सुदूरवर्ती गांवों के स्कूलों में अभ्यास पाठ के लिए भेजा गया है. इस बार बीएड कॉलेजों के प्रशिक्षुओं को ऐसी जगह भेजा गया, जहां उन्हें असुरक्षा का भय सता रहा है. खास कर लड़कियां ज्यादा परेशान हैं.

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Jharkhand News: राज्य सरकार के निर्देश पर बीएड के (सत्र 2021-23 व 2022-24) प्रशिक्षुओं को सुदूरवर्ती गांवों के स्कूलों में अभ्यास पाठ के लिए भेजा गया है. प्रत्येक सेमेस्टर में एक माह के लिए प्रशिक्षुओं को स्कूल में जाकर पढ़ाने का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है. बीएड कॉलेजों (B.Ed College) को गांव के स्कूल का आवंटन जेसीइआरटी द्वारा किया जा रहा है. इस बार बीएड कॉलेजों के प्रशिक्षुओं को ऐसी जगह भेजा गया, जहां उन्हें असुरक्षा का भय सता रहा है. खास कर लड़कियां ज्यादा परेशान हैं. कांके बीएड कॉलेज के प्रशिक्षुओं को तमाड़, डोरंडा कॉलेज के प्रशिक्षुओं को लापुंग, बेड़ो तथा लातेहार जिला से सटे गांव, अब्दुल रज्जाक मेमोरियल बीएड कॉलेज के प्रशिक्षुओं को तमाड़, ओरमांझी के अन्य बीएड कॉलेज के प्रशिक्षुओं को सिल्ली, तमाड़ व लोधमा के बीएड कॉलेज के प्रशिक्षुओं को ओरमांझी जैसे दूर-दराज के गांवों के स्कूलों में भेज दिया गया है.

गांव में शिक्षकों की कमी को देखते हुए नयी व्यवस्था की गयी

पूर्व में स्कूलों का आवंटन डीइओ के माध्यम से किया जाता था. तब कॉलेज अपनी सुविधानुसार स्कूल का चयन करा लेते थे. शहर के स्कूलों में अभ्यास पाठ के दौरान नियुक्त शिक्षक एक माह तक आराम करने लगते थे. इस कारण प्रशिक्षुओं को शिक्षकों की कमी को देखते हुए सुदूर गांवों में भेजा गया.

रोज किराये की गाड़ी से स्कूल जा रहे हैं प्रशिक्षु

बीएड कोर्स में अनिवार्य विषय रहने के कारण डोरंडा बीएड कॉलेज के प्रशिक्षु अलग-अलग ग्रुप बना कर किराये की गाड़ी से रोज आना-जाना कर रहे हैं. क्योंकि, गांव में एक माह रहने की सुविधा नहीं मिली.

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दो प्रशिक्षुओं को लूटा गया

अब्दुल रज्जाक बीएड कॉलेज के दो प्रशिक्षु शशांक व श्वेता अपनी स्कूटी से तमाड़ से 14 किमी अंदर बगही गांव के स्कूल में अभ्यास पाठ के लिए गये. वहां के कुछ ग्रामीणों ने हरवे-हथियार के बल पर उन्हें घेर लिया. इसके बाद दोनों के पास से पैसे लूट लिये और भगा दिया. दोनों प्रशिक्षु ग्रामीणों की भाषा भी नहीं समझ रहे थे. कॉलेज प्रबंधन ने इसकी लिखित जानकारी रांची के एसएसपी व जेसीइआरटी के निदेशक को दी है. वहीं, प्रशिक्षुओं ने इस मामले में तमाड़ थाना में ऑनलाइन सनहा दर्ज कराया.

पारा मेडिकल प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी

झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने पारा मेडिकल प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (Para Medical Entrance Competitive Exam) का रिजल्ट जारी कर दिया. मैट्रिक स्तरीय परीक्षा में 765 और इंटरमीडिएट स्तरीय परीक्षा में 3796 अभ्यर्थी सफल हुए थे. मैट्रिक स्तरीय परीक्षा में बीसी-वन कैटेगरी के अभ्यर्थी हरेकृष्ण गिरि को सीएमएल रैंक एक मिला है. उन्हें 87.25 अंक हासिल हुआ. वहीं इंटर स्तरीय परीक्षा में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी सुधांशु रंजन को प्रथम स्थान हासिल हुआ है, जिन्होंने 123.75 अंक हासिल किये हैं. अभ्यर्थी 25 जुलाई से रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं.

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रांची विवि के कर्मियों की हड़ताल जारी

रांची विवि मुख्यालय सहित पीजी विभाग के कर्मियों की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही. कर्मचारी नेता नवीन चंचल व अर्जुन राम ने कहा कि उच्च शिक्षा निदेशालय की वेतन निर्धारण रिपोर्ट में कई विसंगतियां हैं. रिपोर्ट मिलने के बाद अब उसे सुधारने के लिए दौड़ना होगा. जब तक सभी कर्मचारियों का छठे, सातवें वेतनमान के तहत वेतन निर्धारण नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इधर, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए एहतियात के तौर पर दो केंद्र बनाया गया है.

हाईकोर्ट ने प्रवेश परीक्षा पर लगी रोक हटायी

इधर, झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के विज्ञापन को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई की. अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के शपथ पत्र को देखने के बाद परीक्षा पर लगायी गयी रोक हटा ली. साथ ही शीघ्र परीक्षा लेने का निर्देश दिया. स्वास्थ्य विभाग ने शपथ पत्र दायर कर बताया कि झारखंड के निवासियों के आवेदन देने की अनिवार्यता संबंधी शर्त को हटा दिया गया है. अब भारत के नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किया गया है. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने पैरवी की. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी सुप्रभा कुमारी, पुष्पा कुमारी, विनय कुमार सिंह व अन्य की ओर से याचिका दायर की गयी थी.

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