सदर अस्पताल में मृत्यु व जन्म प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक, जानें क्या है इसकी बड़ी वजह

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सदर अस्पताल से फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का मामला प्रकाश में आने के बाद नये प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगा दी गयी है.

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सदर अस्पताल से फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का मामला प्रकाश में आने के बाद नये प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगा दी गयी है. प्रज्ञा केंद्र से 18 अगस्त से प्रमाण पत्र जारी होना बंद हो गया है. नये प्रमाण पत्र के लिए आवेदन भी जमा नहीं लिया जा रहा है. इस कारण अस्पताल में आवेदन लेकर आनेवाले लोगों को लौटना पड़ रहा है. जन्म प्रमाण पत्र के लिए अावेदन करनेवाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है.

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इधर, सदर अस्पताल ने पुलिस और जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है कि जिन लोगों को प्रमाण पत्र जारी हुआ है, उसका दस्तावेज अस्पताल और प्रज्ञा केंद्र के पास नहीं है. ऐसे में पुलिस ही जांच कर स्पष्ट कर सकती है कि प्रमाण पत्र कहां से जारी किया गया है. गौरतलब है कि सदर अस्पताल से 29 फर्जी प्रमाण पत्र (22 जन्म और सात मृत्यु प्रमाण पत्र) जारी हुआ है. अस्पताल प्रबंधन ने लोअर बाजार थाना में इससे संबंधित शिकायत दर्ज करा दी है. जांच के लिए साइबर थाना से भी मदद ली जा रही है.

शपथ पत्र के साथ करना होगा आवेदन :

जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत जन्म के 21 दिन के अंदर प्रज्ञा केंद्र में आवेदन करना होता है. अगर 21 दिन बाद कोई भी व्यक्ति आवेदन करता है, तो उसको नोटरी द्वारा प्रमाणित शपथ पत्र संलग्न करना पड़ता है. कई आवेदक इस नियम के दायरे में आ गये हैं. वहीं छह दिन बाद और लोग इस दायरे में आ जायेंगे.

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