झारखंड : गलत तरीके से रद्द की गयी थी 7.16 एकड़ जमीन की जमाबंदी, जानें क्या है पूरा मामला
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Dec 2023 4:44 AM
मामले में दक्षिण छोटानागपुर प्रमंडल के तत्कालीन आयुक्त डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने राज्य सरकार से उपायुक्त समेत जालसाजी में शामिल अन्य अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी.
रांची : हेहल अंचल के बजरा मौजा की 7.16 एकड़ जमीन की 82 वर्ष पहले से चली आ रही जमाबंदी गलत तरीके से रद्द की गयी थी. हेहल के तत्कालीन सीओ द्वारा सादा पंचनामा को सही करार देते हुए विनोद सिंह के नाम म्यूटेशन करने का आदेश दिया गया था. तत्कालीन उपायुक्त छवि रंजन के निर्देश पर 150 पुलिस के जवानों की तैनाती कर जमीन की घेराबंदी करायी गयी थी. भू-राजस्व विभाग ने मामले की जांच पूरी कर ली है. दोषी अधिकारियों पर प्रपत्र क गठित करते हुए दंडित करने की अनुशंसा कार्मिक विभाग को भेजी जा रही है.
मामले में दक्षिण छोटानागपुर प्रमंडल के तत्कालीन आयुक्त डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने झारखंड सरकार से उपायुक्त समेत जालसाजी में शामिल अन्य अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी. हालांकि, अब तक आयुक्त की रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की गयी थी. अब भू-राजस्व विभाग ने भी तत्कालीन आयुक्त की जांच रिपोर्ट की पुष्टि की है. डीसी ने जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ से संबंधित रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया. विभाग द्वारा की गयी जांच में पाया गया है कि हेहल अंचल के बजरा मौजा में खाता नंबर-140 का प्लॉट नंबर-1323, 1324, 1333, 134 व 1338 की जमीन खतियान में सीता राम साहू, ठाकुर दयाल साहू व अन्य के नाम पर दर्ज है. इस जमीन का म्यूटेशन अपने नाम पर करने के लिए विनोद सिंह नाम के व्यक्ति ने सीओ के यहां म्यूटेशन केस दायर किया.
Also Read: वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट को लगा ग्रहण, जमीन देने में झारखंड सरकार नाकाम
सीओ ने जमीन पर दखल कब्जा नहीं होने के आधार पर म्यूटेशन केस रद्द कर दिया. इसके खिलाफ विनोद सिंह ने डीसीएलआर कोर्ट में अपील की. डीसीएलआर ने भी अपील रद्द कर दी. इसके बाद विनोद कुमार ने उपायुक्त छवि रंजन के कोर्ट में म्यूटेशन अपील दाखिल की. छवि रंजन ने मार्च 2016 में बने एक पंचनामा को आधार पर कर विनोद सिंह के पक्ष में निर्णय दिया. इसके बाद पुलिस बल भेज कर जमीन की घेराबंदी भी करा दी. हालांकि, उन्होंने अवर निबंधक द्वारा पेश की गयी जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ से संबंधित रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया. प्रमंडलीय आयुक्त की जांच के दौरान पंचनामा पर दस्तखत करने वाले सभी लोग फर्जी पाये गये. उपायुक्त ने फर्जी पंचनामा को सही मानते हुए जमाबंदी रद्द करने का आदेश दिया था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










