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आयुष्मान योजना में एक और घोटाला, एक ही अस्पताल दो नाम से सूचीबद्ध

By Pritish Sahay
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शकील अख्तर, रांची : स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पलामू जिले के एक ही अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना के तहत दो नाम से सूचीबद्ध कर दिया है. इसका उद्देश्य अधिकारियों के निजी स्वार्थ व अस्पताल संचालकों को अधिक लाभ पहुंचाना बताया जाता है. अस्पताल ने इलाज के नाम पर 3.10 करोड़ रुपये का दावा भी कर रखा है. अस्पताल द्वारा की गयी गड़बड़ी की जानकारी विभाग के अधिकारियों को है. इसके बावजूद अपरिहार्य कारणों से इस मामले में कार्रवाई नहीं हो रही है. पलामू जिले के आबाद नगर स्थित ‘डॉक्टर किरण सिंह क्लिनिक’ को आयुष्मान भारत योजना के तहत सितंबर 2018 में सूचीबद्ध किया गया. इसके बाद इसी भवन पर ‘डॉक्टर किरण सिंह क्लिनिक एवं मेटरनिटी हॉस्पिटल’ का बोर्ड लगा कर मार्च 2019 में दूसरी बार सूचीबद्ध किया गया.

दो अलग-अलग नाम से सूचीबद्ध इस अस्पताल में डॉक्टर, नोडल ऑफिसर, कियोस्क आदि सब कुछ एक ही हैं. आयुष्मान योजना के लाभुकों ने सबसे ज्यादा शिकायत इसी अस्पताल के बारे में की है. बीमा कंपनी ने भी इस अस्पताल की शिकायत सरकार से की. इसके बाद कार्यपालक निदेशक ने थर्ड पार्टी असेसमेंट करने का आदेश दिया. इसके आलोक में बीमा कंपनी ने थर्ड पार्टी असेसमेंट कराया और सरकार को रिपोर्ट सौंप दी.

इसमें अस्पताल द्वारा बरती गयी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया. पर अस्पताल के एक अधिकारी का स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के साथ मधुर संबंध होने के कारण इस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. डॉक्टर किरण सिंह क्लिनिक द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत किये गये इलाज के मद में 60 लाख रुपये और डॉक्टर किरण सिंह क्लिनिक व मेटरनिटी हॉस्पिटल द्वारा 2.50 करोड़ रुपये का दावा किया गया है.

  • 3.10 करोड़ का कर रखा है दावा इलाज के नाम पर

  • पहली बार 2018 और दूसरी बार 2019 में सूचीबद्ध कराया

  • बीमा कंपनी ने भी रिपोर्ट में अनियमितताओं का किया उल्लेख, पर नहीं हुई कार्रवाई

  • इससे पहले छह मार्च को प्रभात खबर ने आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की छापी थी खबर.

रांची में एएसआइ और चाईबासा में सुपरवाइजर गिरफ्तार

रांची : एसीबी की टीम ने बुधवार को रांची में एएसआइ मिथिलेश कुमार सिंह और चाईबासा में भूमि संरक्षण विभाग के फील्ड सुपरवाइजर (क्षेत्र पर्यवेक्षक) कुमार गौरव को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया. जानकारी के अनुसार, रांची के सुखदेवनगर थाना में पोस्टेड एएसआइ मिथिलेश कुमार सिंह इंद्रपुरी रोड नंबर आठ निवासी राहुल देव उपाध्याय से तीन हजार रुपये रिश्वत ले रहा था. उसकी गिरफ्तारी बरियातू थाना के समीप स्थित चाय दुकान से हुई.

एसीबी के अधिकारियों के अनुसार राहुल देव ने बताया था कि उसकी पत्नी ने प्रताड़ित करने के आरोप में 18 जनवरी को सुखदेवनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. केस के अनुसंधानक एएसआइ मिथिलेश सिंह ने रिपोर्ट में मदद के नाम पर 15 हजार रुपये की मांग की. उसने कहा कि उसके पास अभी इतने पैसे नहीं हैं, तब एएसआइ ने पहली किस्त के रूप में तीन हजार रुपये रिश्वत की मांग की. उधर, भूमि संरक्षण विभाग के फील्ड सुपरवाइजर कुमार गौरव को लाभुक से 40 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया.

एसीबी ने घूस लेते पकड़ा

15 हजार रिश्वत मांगी एएसआइ ने पत्नी प्रताड़ना के आरोपी पति से, पहली किस्त में लिये तीन हजार रुपये

40 हजार मांगे तालाब खोदने के लाभुक से राशि भुगतान के एवज में

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