एसिड अटैक का दर्द झेला, अब स्कॉलरशिप से लंदन में पढ़ेंगी फातमा

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रेशम फातमा

रेशम फातमा

जमशेदपुर की रेशम फातमा ने साल 2014 में एसिड अटैक का शिकार होने के बावजूद हार नहीं मानी. शिक्षा को हथियार बनाकर उन्होंने संघर्ष किया और अब वे प्रतिष्ठित चेवनिंग स्कॉलरशिप के लिए चुनी गई हैं.

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रांची से क्रांतिदीप की रिपोर्ट

Resham Fatma Chevening Scholarship: एसिड अटैक जैसी दर्दनाक घटना किसी की जिंदगी को थाम सकती है, लेकिन जमशेदपुर की रेशम फातमा ने अपने हौसले, जज्बे और शिक्षा की ताकत से हालात को मात दी. साल 2014 में एसिड अटैक का शिकार होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ती रहीं. आज उसी दृढ़ संकल्प का परिणाम है कि उनका चयन ब्रिटिश सरकार की प्रतिष्ठित चेवनिंग स्कॉलरशिप के लिए हुआ है, जिसके तहत वे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस में उच्च शिक्षा हासिल करेंगी.

एसिड अटैक के बाद शिक्षा से बनाई नई पहचान

रेशम कहती हैं कि एसिड अटैक के बाद उनकी यह यात्रा बिल्कुल आसान नहीं थी. उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. एसिड अटैक ऐसी घटना है, जिसका असर पूरी जिंदगी रहता है. उनके सामने दो रास्तेथे. पहला, इस घटना के बाद घर के एक कमरे में बंद होकर डर-डरकर जिंदगी बिताना. दूसरा, बाहर निकलकर अपनी पहचान बनाना और दूसरों के लिए प्रेरणा बनना. उन्होंने दूसरा रास्ता चुना. शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया. रेशम फातमा एक फाउंडेशन का भी संचालन करती हैं, जिसके माध्यम से वे लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने का काम कर रही हैं. 

संघर्ष को ताकत बनाकर दूसरों के लिए बनीं मिसाल 

फातमा को न सिर्फ लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस में नि:शुल्क शिक्षा मिलेगी, बल्कि रहने, खाने और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. वे वहां जेंडर, डेवलपमेंट एंड ग्लोबलाइजेशन विषय में मास्टर्स करेंगी. रेशम ने बताया कि उन्होंने इस छात्रवृत्ति के लिए पिछले वर्ष आवेदन किया था. आवेदन के बाद उन्हें चयन प्रक्रिया के कई चरणों से गुजरना पड़ा. इसके बाद उनका इंटरव्यू हुआ और अंततः उनका चयन हुआ. 

साल 2014 में एसिड अटैक का शिकार हुई थीं 

फातमा रेशम साल 2014 में एसिड अटैक का शिकार हुई थीं. इस घटना के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ती रहीं. वर्ष 2015 में तत्कालीन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने उन्हें नेशनल ब्रेवरी अवॉर्ड से सम्मानित किया था. उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की. अब उनका चयन दुनिया की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्तियों में शामिल चेवनिंग स्कॉलरशिप के लिए हुआ है. 


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प्रिया गुप्ता

लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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