झारखंड में कमजोर पड़ा मानसून, 12 सितंबर तक रुक-रुककर होती रहेगी वर्षा, वज्रपात की भी चेतावनी

आज का मौसम.
Aaj Ka Mauasm: झारखंड में मानसून कमजोर पड़ गया है, लेकिन रुक-रुक कर वर्षा जारी रहेगी. मौसम विभाग ने कहा है कि 12 सितंबर तक झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होती रहेगी. कुछ जगहों पर वज्रपात भी होने की संभावना है.
Aaj Ka Mauasm: झारखंड में कुछ जगहों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने यह जानकारी दी है. कहा है कि अगले 3 दिन के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. इसके बाद अगले 2 दिन में इसमें 2 से डिग्री सेंटीग्रेड की गिरावट आ सकती है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने समूचे झारखंड के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.
30 से 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने कहा है कि झारखंड में 12 सितंबर तक राज्य में कहीं-कहीं गर्जन और तेज हवाओं का झोंका चलेगा. कुछ जगहों पर वज्रपात होने की भी संभावना है. मौसम केंद्र ने कहा है कि आंधी की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है.
रांची से गुजर रहा मानसून ट्रफ
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि समुद्र तल पर बना मानसून ट्रफ दक्षिणी-पूर्वी पाकिस्तान और उससे सटे राजस्थान और कच्छ, कोटा, ओराल, सीधी, रांची, दीघा और वहां से होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी में मौजूद डीप डिप्रेशन से गुजर रहा है. मौसम केंद्र ने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में मानसून कमजोर रहा. कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. सबसे अधिक 42 मिलीमीटर वर्षा कोडरमा जिले के चंदवारा में हुई. सबसे कम 1.5 मिमी वर्षा कोडरमा डीवीसी में हुई.
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24 घंटे में हुई 1.6 मिमी वर्षा
पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में 76 फीसदी कम वर्षा हुई. झारखंड में 6.7 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए, लेकिन हुई सिर्फ 1.6 मिलीमीटर वर्षा. प्रदेश में सबसे अधिक उच्चतम तापमान 36.9 डिग्री सेंटीग्रेड सरायकेला जिले में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेंटीग्रेड लातेहार जिले में दर्ज की गयी.
मानसून के सीजन में 1049.5 मिमी बारिश हुई
अगर मानसून के सीजन में अब तक होने वाली वर्षा की बात करें, तो सामान्य वर्षा 866.2 मिलीमीटर की जगह 1049.5 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 21 फीसदी अधिक है. मौसम विभाग के मौसम केंद्र रांची ने यह जानकारी दी है.
झारखंड में कहां हुई सबसे ज्यादा और कहां सबसे कम वर्षा
झारखंड में अब तक सबसे ज्यादा वर्षा पूर्वी सिंहभूम में हुई है और सबसे कम वर्षा पाकुड़ जिले में दर्ज की गयी है. मानसून के सीजन में पूर्वी सिंहभूम में सामान्य से 66 फीसदी अधिक वर्षा हुई है, तो पाकुड़ जिले में सामान्य से 22 फीसदी कम वर्षा हुई है. पिछले 24 घंटे के दौरान कहां, कितनी वर्षा हुई, लिस्ट देखें.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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