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पीपीपी मोडवाले संस्थान का नाम अब राजकीय नहीं

रांची : पीपीपी मोड में संचालित राज्य के इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों के नाम के साथ अब गवर्नमेंट (राजकीय) शब्द नहीं जुड़ेगा. अब एेसे सभी संस्थानों को सत्र 2017-18 से उनके स्थान के इंजीनियरिंग या पॉलिटेक्निक कॉलेज के नाम से जाना जायेगा, जहां वे अवस्थित हैं. जैसे दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज, दुमका. पर इसके साथ यह […]

रांची : पीपीपी मोड में संचालित राज्य के इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों के नाम के साथ अब गवर्नमेंट (राजकीय) शब्द नहीं जुड़ेगा. अब एेसे सभी संस्थानों को सत्र 2017-18 से उनके स्थान के इंजीनियरिंग या पॉलिटेक्निक कॉलेज के नाम से जाना जायेगा, जहां वे अवस्थित हैं. जैसे दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज, दुमका. पर इसके साथ यह उल्लेख रहेगा कि यह संस्थान झारखंड सरकार द्वारा स्थापित तथा पीपीपी मोड में फलाना कंपनी (जैसे टेक्नो इंडिया) या ट्रस्ट द्वारा संचालित है. लंबे गतिरोध के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है.
पीपीपी मोड वाले विभिन्न संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों सहित अगले सत्र में नामांकन लेनेवाले विद्यार्थियों को भी यह ध्यान रखना होगा, कि उन्हें कोई गलतफहमी न हो. गौरतलब है कि पहले इन संस्थानों को टेक्नो इंडिया सिल्ली, टेक्नो इंडिया दुमका तथा टेक्नो इंडिया चाईबासा के नाम से एआइसीटीइ ने मान्यता दी थी. पर जुलाई 2013 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के निर्णय के बाद सभी संस्थानों के नाम संशोधित कर दिये गया तथा इनके साथ गवर्नमेंट (राजकीय) शब्द जोड़ दिया गया. जैसे गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक सिल्ली (रन एंड मैनेज्ड बाइ टेक्नो इंडिया), गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज दुमका या चाईबासा (रन एंड मैनेज्ड बाइ टेक्नो इंडिया).
राजकीय शब्द का जुड़ा होना भी इन संस्थानों में नामांकन का एक आकर्षण था, पर इसमें फजीहत यह हो गयी कि एआइसीटीइ ने राजकीय शब्द के साथ इन संस्थानों को मान्यता देने से मना कर दिया, जबकि पॉलिटेक्निक के मामले में स्टेट बोर्ड अॉफ टेक्निकल एजुकेशन (एसबीटीइ) द्वारा जारी अंक पत्र में संस्थान को राजकीय बताया गया था. इससे विद्यार्थियों को नौकरियां मिलने में परेशानी होने लगी थी. कई बार अाग्रह करने पर भी एआइसीटीइ ने गवर्नमेंट नाम के साथ मान्यता नहीं दी. इसी के बाद जनवरी 2017 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न बैठक मेंसंस्थानों का नाम फिर से संशोधित किया गया है.
पीपीपी मोड के संस्थान
अभी संचालित : दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज दुमका (टेक्नो इंडिया), चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज चाईबासा (टेक्नो इंडिया), रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज रामगढ़ (टेक्नो इंडिया), सिल्ली पॉलिटेक्निक सिल्ली (टेक्नो इंडिया) व पाकुड़ पॉलिटेक्निक पाकुड़ (भुवनेश्वर पॉलिटेक्निक साइबोटेक कैंपस के सहयोग से)
संचालन के लिए पार्टनर चयनित : गोला पॉलिटेक्निक गोला (गुरुनानक टेक्निकल फाउंडेशन), चांडिल पॉलिटेक्निक चांडिल (गुरुनानक पॉलिटेक्निक फाउंडेशन), बहरागोड़ा पॉलिटेक्निक बहरागोड़ा (बालाजी एजुकेशनल ट्रस्ट भुवनेेश्वर) तथा गढ़वा पॉलिटेक्निक गढ़वा (चंद्रवंशी एजुकेशनल फाउंडेशन).
जिनका पार्टनर अभी चयनित होना है : जगन्नाथपुर पॉलिटेक्निक जगन्नाथपुर, गुमला पॉलिटेक्निक गुमला, सिमडेगा पॉलिटेक्निक सिमडेगा, मधुपुर पॉलिटेक्निक मधुपुर तथा दुमका महिला पॉलिटेक्निक दुमका.
Prabhat Khabar Digital Desk
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