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लोगों को अब मिलेंगे खादी के रिंकल फ्री कपड़े

रांची: खादी व सूती कपड़े को धोने पर उनका सिकुड़ जाना एक बड़ी समस्या है. हालांकि सूती के ब्रांडेड कपड़ों में यह परेशानी नहीं होती. खादी को अौर लोकप्रिय बनाने के लिए झारखंड खादी बोर्ड भी इसी तर्ज पर खादी के रिंकल फ्री (सिकुड़न मुक्त) परिधान बनाने का काम शुरू हो गया है, जो बिक्री […]

रांची: खादी व सूती कपड़े को धोने पर उनका सिकुड़ जाना एक बड़ी समस्या है. हालांकि सूती के ब्रांडेड कपड़ों में यह परेशानी नहीं होती. खादी को अौर लोकप्रिय बनाने के लिए झारखंड खादी बोर्ड भी इसी तर्ज पर खादी के रिंकल फ्री (सिकुड़न मुक्त) परिधान बनाने का काम शुरू हो गया है, जो बिक्री के लिए बोर्ड के रिटेल स्टोर में पहुंचने लगे हैं, पर यह ब्रांडेड कपड़ों की तरह महंगे नहीं हैं.

रिंकल फ्री खादी अधिकतम 140 रुपये प्रति मीटर की दर पर उपलब्ध कराने की योजना है. यह खादी कपड़ों की वर्तमान दर से करीब 30 रुपये प्रति मीटर सस्ती होगी. वहीं खादी के कपड़ों के रंग पक्के अौर चमकदार करने की भी तकनीक अपनायी जा रही है. बोर्ड अध्यक्ष संजय सेठ के नेतृत्व में बोर्ड के सलाहकार धीरेंद्र कुमार व उनकी टीम ने कपड़ों को रंगने के लिए अॉर्गेनिक डाइ (जैविक रंग) के इस्तेमाल का निर्णय लिया है.

इधर, खादी के सिल्क कपड़ों व साड़ियों के लिए रेशम धागा का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर किया जायेगा. सूती व रेशम का सूत कातने के लिए खरसावां में सोलर चरखा लगाया जा रहा है. यहां करीब 250 सोलर चरखा की मदद से रेशम सूत भी बनेंगे. धीरेंद्र कुमार का दावा है कि झारखंड देश का पहला राज्य होने जा रहा है, जो रेशम कपड़ों की बुनाई के लिए इसमें लंबवत लगनेवाले रेशम धागा (वार्प) का निर्माण करेगा. अभी देश भर में रेशम कपड़ों की बुनाई के लिए 99.9 फीसदी धागा चीन से आता है.

दरअसल लंबवत लगने वाले धागे मजबूत होते हैं. इसी को आधार बनाकर इसके ऊपर क्रॉस करते हुए दायें से बायें या बायें से दायें धागा (वेफ्ट) लगाकर कपड़े की बुनाई होती है. झारखंड वार्प धागों का भी निर्माण करेगा. दावा यह भी है कि यहां न सिर्फ वार्प धागों का निर्माण होगा, बल्कि यह धागा चीन से भी बेहतर व हल्का होगा. इसके लिए प्रयोग चल रहे हैं. अभी चीन के धागे से बने एक मीटर रेशमी कपड़े का वजन 70 ग्राम होता है, जबकि झारखंड खादी बोर्ड इसे 45 ग्राम का ही बनाने का प्रयास कर रहा है. यानी सूची कपड़े जहां रिंकल फ्री व बेहतर रंग के होंगे वहीं रेशमी कपड़े भी हल्के, बेहतर रंगों वाले तथा मजबूत होंगे.

Prabhat Khabar Digital Desk
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