77वां वन महोत्सवः सिर्फ ठेके से नहीं, संवेदनशीलता से बचेगा पर्यावरण - मुख्यमंत्री

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खेलगांव में आयोजित वन महोत्सव में लाभुक को सम्मानित करते मुख्यमंत्री.

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77वें वन महोत्सव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधारोपण के ठेके देने के बजाय व्यक्तिगत संवेदनशीलता पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि और प्रकृति से छेड़छाड़ का असर झारखंड में भी दिख रहा है, इसलिए केवल उपयोगी पौधे लगाए जाएंगे.

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77th Van Mahotsav : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केवल पौधारोपण के ठेके देने से स्थिति नहीं बदलने वाली है. इसके लिए खुद संवेदनशील होना होगा. जितनी तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है, उसके लिए हमें खुद संवेदनशील होना होगा. पर्यावरण में बदलाव राज्य की समस्या नहीं है, यह ग्लोबल समस्या है. इससे सब परेशान हैं. मुख्यमंत्री शुक्रवार को खेलगांव परिसर में आयोजित 77वें वन महोत्सव के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वन विभाग के साथ मिलकर उल्लेखनीय काम करने वालों को सम्मानित किया. सीएम ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद करीब दो हजार लोगों को अपने-अपने घर के आसपास एक-एक पौधा लगाने का आह्वान किया. इस मौके पर सीएम और उनकी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने ओपेन सफारी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

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झारखंड में भी दिख रहा प्रकृति से छेड़‌छाड़ का असर

सीएम ने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ का असर झारखंड में भी दिख रहा है. हम हाथियों के घरों में चले गये हैं. हाथी हमारे घरों में आ जा रहे हैं. पेड़-पौधों को काटकर नये नये शहर बसा रहे हैं. ऐसे-ऐसे पेड़ लगा रहे हैं, जहां चिड़िया भी नहीं बसती है. कुछ दिखने में तो सुंदर हैं, लेकिन पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हैं. इस कारण झारखंड ने तय किया है कि यहां केवल उपयोगी पौधे ही लगाये जायेंगे. शहरों में एक पौधा लगाने पर पांच यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी. 

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वन, पर्यावरण व वन्य जीवन जीवन का हिस्सा 

वन विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख ने कहा कि वन, पर्यावरण एवं वन्य जीवन हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं. इसके बिना समाज का निर्माण नहीं हो सकता है. इनका संरक्षण हमारा नैतिक के साथ-साथ संवैधानिक दायित्व भी है. पीसीसीएफ हॉफ संजीव कुमार ने कहा कि पर्यावरण में हो रहे बदलाव से पूरा विश्व परेशान है. इसको लोकल स्तर पर ठीक करेंगे, तभी ग्लोबल समस्या दूर होगी. मौके पर पीसीसीएफ विश्वनाथ साह, एटी मिश्रा, एपीसीसीएफ बेंकटेश्वरलू, डीएफओ श्रीकांत वर्मा आदि मौजूद थे. 

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इन्हें किया गया सम्मानित 

पी बर्नादित कुजूर (केंदू पत्ता सहयोग समिति, सिमडेगा), टिकैत चंद्र प्रधान (केंदू पत्ता), बुद्धदेव चालक (वन प्रबंधन समिति दुमका), पौथी राम हांसदा (हाथी मित्र), रमेश नायक (हाथी मित्र, पोड़ाहाट), तारकेश्वर मुंडा (रांची), निरोज टेटे (गुमला) लक्ष्मण मुरमू (साहिबगंज), कृष्णा सिंह (कोडरमा), मिथिलेश कुमार (मेदनीनगर), खुर्शीद आलम (चतरा), गुड्डल सिंह (पलामू पीटीआर), मनोज राणा (गिरिडीह), सुरेंद्र पासवान (पलामू), सोनी देवी (ओरमांझी), राजीव रंजन प्रसाद (साहिबगंज), मुनेश्वर मेहता (हजारीबाग), मो जुनैल अंसारी (सिमडेगा), राजू कोरबा (पलामू) व नासिर खान (पलामू).


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