आधुनिक तकनीक व डिजिटल माध्यम से बुनकरों के उत्पाद को मिले बाजार : राज्यपाल

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संबोधित करते राज्यपाल

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 13वें हस्तकरघा दिवस पर बुनकरों के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों से जोड़कर बुनकरों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार उपलब्ध कराना आज की आवश्यकता है.

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जमशेदपुर: वीवर्ड डेवलपमेंट एंड रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन की ओर से शुक्रवार को माइकल जॉन ऑडिटोरियम बिष्टुपुर में 13वां हस्तकरघा दिवस मनाया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि यह दिवस केवल उत्सव नहीं है, बल्कि लाखों बुनकरों के श्रम, कौशल, सृजनशीलता और आत्मसम्मान को नमन करने का अवसर है. जिन्होंने सदियों से भारत की सांस्कृतिक पहचान को अपने हाथों से बुना है. उन्होंने कहा कि जब हम एक हस्तकरघा उत्पाद खरीदते हैं तो हम केवल एक वस्त्र नहीं खरीदते, बल्कि बुनकर परिवार की आजीविका को और मजबूत करने का काम करते हैं.

भारतीय संस्कृति का सम्मान करते हैं और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का काम करते हैं. हस्तशिल्प बन सकता है आर्थिक शक्ति राज्यपाल ने कहा कि बुनकर केवल वस्त्र नहीं बुनता, बल्कि अपने परिवारों के सपने और अपनी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान को भी सहेजने का काम करता है.

आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक तकनीक, डिजाइन, विपणन और डिजिटल माध्यमों से जोड़कर बुनकरों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराएं. वोकल फॉर लोकल, आत्मनिर्भर भारत योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाएं पारंपरिक कौशल को नयी पहचान दे रही है. प्रधानमंत्री कहते रहे हैं कि भारत की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प केवल सांस्कृतिक विरासत नहीं, बल्कि यह विकसित भारत की आर्थिक शक्ति बन सकती है.

स्थानीय उत्पाद अपनाएं

इसलिए हम स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और बुनकरों के श्रम का सम्मान करने का काम करें. आज आवश्यकता केवल उत्पादन बढ़ाने की नहीं, बल्कि बुनकरों की आय बढ़ाने की भी है. हम इस क्षेत्र को कैसे आगे बढ़ाएं और नौजवानों को इससे जोड़ने का काम करें इस दिशा में सोचने की जरूरत है. बुनकरों की आजीविका को मजबूत करना, उन्हें बेहतर बाजार दिलाना, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है.

उन्होंने कहा कि इसकी प्रासंगिकता और बढ़ जाती है क्योंकि दो दिन बाद ही हम अगस्त क्रांति दिवस मनाएंगे. इस अवसर पर राज्यपाल ने बुनकारों को सम्मानित भी किया. कार्यक्रम को खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व सदस्य मनोज सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क प्रमुख अनिल ठाकुर ने भी संबोधित किया. आनंद साहू ने स्वागत भाषण दिया. कार्यक्रम का संचालन विजय भारती ने किया. आशुतोष राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके विजय भारती, अमित मिश्रा व अन्य मौजूद रहे.


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Kanhaiya Lal Singh

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By Kanhaiya Lal Singh

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