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मेक इन इंडिया पर आयोजित सेमिनार में बोले मुख्य सचिव

24 Jul, 2015 7:41 am
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मेक इन इंडिया पर आयोजित सेमिनार में बोले मुख्य सचिव

रांची : मुख्य सचिव राजीव गौबा ने कहा कि 10 अगस्त से ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम राज्य में आरंभ हो जयेगा. राज्य में मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने हेतु सरकार द्वारा आमलोगों को दी जा रही सुविधाओं के संबंध में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. मुख्य सचिव ने यह बात गुरुवार […]

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रांची : मुख्य सचिव राजीव गौबा ने कहा कि 10 अगस्त से ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम राज्य में आरंभ हो जयेगा. राज्य में मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने हेतु सरकार द्वारा आमलोगों को दी जा रही सुविधाओं के संबंध में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है.
मुख्य सचिव ने यह बात गुरुवार को होटल बीएनआर चाणक्या में सीआइआइ और डीआइपीपी भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित मेक इन इंडिया : झारखंड विषय पर आयोजित कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. कार्यशाला में भारत सरकार के मेक इन इंडिया अभियान के तहत कई प्रक्रियाओं को सरल करने की जानकारी दी गयी. यह भी बताया कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस एजेंडा में 98 प्रक्रियाओं को सरल करने का काम राज्य की सरकारों द्वारा चल रहा है.
मुख्य सचिव ने कहा कि अगर बदलाव लाना है, तो सोच बदलना होगा, तभी मेक इंडिया के सपने को साकार किया जा सकता है. सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम को सक्रिय बनाया है, जिससे उद्योग एवं व्यवसाय के क्षेत्रों का कार्य सुगम होगा. सरकार फेसिलेटर की भूमिका निभाने को तैयार है. उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां उद्यमियों को विभिन्न प्रकार के लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्धारित समय में ऑनलाइन प्राप्त हो सकते हैं.
श्री गौबा ने कहा कि युवाओं को रोजगार मिले और उन्हें रोजगार परक शिक्षा दी जाये, ऐसा प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि समाज के प्रयासों से ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मंत्र को साकार किया जा सकता है. इससे देश के जीडीपी में इजाफा तो होगा ही, साथ ही नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
सरकार ने पूंजी निवेश को आकर्षक बनाने के लिए कई सुविधाओं को ऑनलाइन किया है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से निजात मिल सके. सरकार लैंड बैंक की स्थापना के लिए काम कर रही है, ताकि आनेवाले दिनों में लोगों को उद्यम लगाने के लिए जमीन की परेशानी न ङोलनी पड़े.
श्री गौबा ने बताया कि झारखंड में ऐसे 58 उद्योगों को सूचीबद्घ किया गया है, जिन्हें प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है. वहीं डीआइटीपी के कुल 285 बिन्दुओं में से ज्यादातर पर काम कर लिया गया है.
सभी प्रकार के टैक्स के लिए एक आइडी होगी : हिमानी पांडेय
उद्योग विभाग की सचिव हिमानी पांडेय ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस झारखंड पर एक प्रजेंटेशन दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए कई स्तर पर नीतियों को लचीला किया गया है. उद्यमी उद्योग की स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन दे सकते हैं, जिसके तहत उन्हें श्रम विभाग, नगर विकास विभाग, प्रदूषण विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग समेत कई विभागों में दौड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है.
ऑनलाइन आवेदन के साथ साथ एप्रुवल भी ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है. दस्तावेजों में कमी रहने पर आवेदक को ई-मेल और एसएमएस के जरिये संदेश दे दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए उद्यमियों को सिर्फ दो प्रकार के दस्तावेजों को संलग्‍न करना होगा. उन्होंने बताया कि उद्यमियों के लिए सभी प्रकार के टैक्सों के लिए एक आईडी उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि उन्हें बार-बार दौड़ न लगाना पड़े.
झारखंड ही कर सकेगा सपनों को साकार : राजीव अग्रवाल
भारत सरकार के उद्योग नीति एवं संवर्धन सह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रलय के संयुक्त सचिव राजीव अग्रवाल ने मेक इंडिया में झारखंड की भूमिका को लेकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विषय पर प्रजेंटेशन दिया. उन्होंने कहा कि झारखंड में देश का 40 प्रतिशत खनिज है और श्रम की ताकत है. उन्होंने कहा कि अगर यहां के लोगों को प्रशिक्षित किया जाये, तो वे मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
अधिकारियों ने कई सवालों के जवाब भी दिये
कार्यशाला के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने कई उद्यमियों की समस्याओं से संबंधित सवालों के जवाब भी दिये. स्वागत भाषण सीआइआइ झारखंड स्टेट काउंसिल के एमडी तरूण डागा ने किया. धन्यवाद ज्ञापन सीआइआइ के एबी लाल ने किया. कार्यक्रम में भू-राजस्व विभाग के सचिव केके सोन समेत विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे.
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