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बिल लागू नहीं हुआ, तो झारखंड को नुकसान : नितिन गडकरी

Updated at : 07 Apr 2015 5:50 AM (IST)
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बिल लागू नहीं हुआ, तो झारखंड को नुकसान : नितिन गडकरी

भाजपा स्थापना दिवस. भूमि अधिग्रहण बिल पर गोष्ठी का आयोजन, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा किसानों को सही मूल्य नहीं मिल पाता है, अनाज की कीमत राख से भी कम मिलती है रांची : भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल गांव, गरीब […]

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भाजपा स्थापना दिवस. भूमि अधिग्रहण बिल पर गोष्ठी का आयोजन, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा
किसानों को सही मूल्य नहीं मिल पाता है, अनाज की कीमत राख से भी कम मिलती है
रांची : भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल गांव, गरीब और किसान के लिए हितैषी है. इनके हितों को ध्यान में रखते हुए बिल में कई संशोधन किये गये हैं. कांग्रेस और वामपंथी दलों द्वारा भ्रांतियां फैला कर किसानों को डराया जा रहा है.
ये पार्टियां चाहती हैं कि देश का विकास नहीं हो. किसान और अल्पसंख्यकों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है. श्री गडकरी ने कहा कि अगर भूमि अधिग्रहण बिल लागू नहीं हुआ तो सबसे ज्यादा नुकसान झारखंड का होगा. श्री गडकरी सोमवार को डोरंडा स्थित वन विभाग के सभागार में भाजपा के स्थापना दिवस पर भूमि अधिग्रहण बिल पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि ग्रामीण बिजली, सिंचाई परियोजनाओं, गरीबों के लिए घर, औद्योगिक कॉरिडोर, रक्षा जैसी परियोजनाओं को बिल में शामिल किया गया है. देश के अन्य राज्यों की तुलना में झारखंड में सिंचित भूमि का प्रतिशत महज 5.4 है. इसकी वजह से किसानों को सही मूल्य नहीं मिल पाता है. अनाज की कीमत राख से भी कम मिलती है. इससे निराश होकर किसान आत्महत्या कर रहे हैं. किसानों के खेतों को पानी देकर सरकार इनकी क्रय शक्ति बढ़ाना चाहती है.
उन्होंने कहा कि भाजपा विकास की राजनीति करती है. जातिवाद और सांप्रदायिकता की राजनीति नहीं करती है. पार्टी आतंकवाद के खिलाफ है न कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ. यह सरकार कॉरपोरेट घरानों के हितों में काम करनेवाली नहीं है. भूमि अधिग्रहण बिल आने से किसान नहीं कुछ राजनीतिक दलों के नेता दुखी है. उन्हें डर सता रहा है कि अगर यह बिल लागू हो गया तो अगले 20-25 साल तक भाजपा की सरकार सत्ता में काबिज रहेगी.
कांग्रेस, वामपंथी दलों व वाड्रा पर साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान श्री गडकरी ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और रॉबर्ट वाड्रा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कोयला खादानों के आवंटन के समय सवाल नहीं उठाया. जब हरियाणा सरकार की ओर से रॉबर्ड वाड्रा को जमीन दी जा रही थी, तो कांग्रेस मौन थी. कांग्रेस वोट की राजनीति को लेकर बिल के बारे में भ्रांतियां फैला रही है. श्री गडकरी ने कहा कि वामपंथी दल चीन और रसिया में होने वाले अधिग्रहण के खिलाफ नहीं बोलते हैं. यहां पर जमीन अधिग्रहण के लिए राय नहीं ली जाती है. ऐसे में भाजपा कार्यकर्ता निर्भिक हो कर कांग्रेस और वामपंथी दलों से इस पर सवाल करें.
केंद्र की उपलब्धियों को गिनाया
श्री गडकरी ने केंद्र सरकार के 10 माह के कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ. यूपीए सरकार के कार्यकाल में कोलगेट और टू जी स्पेक्ट्रम घोटाला हुआ. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने कोयला की पारदर्शी ढंग से नयी नीति बना कर नीलामी की. इससे दो लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिला. वहीं टू जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से एक लाख तीन हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. इस नीलामी से मिलने वाली राशि का खर्च विकास के कार्यो में होगा. कोयले की नीलामी से झारखंड को भी छह हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. आने वाले दिनों में और भी राजस्व मिलेगा.
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद गैस सिलिंडर, पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी आयी है. महंगाई दर घट कर चार प्रतिशत पर पहुंच गयी है. सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए ई- रिक्शा बांटने की योजना शुरू की है.
कौन-कौन थे मौजूद
संसदीय कार्यमंत्री सरयू राय, कृषि मंत्री रणधीर सिंह, कला संस्कृति एवं खेलकूद मंत्री अमर बाउरी, सांसद रामटहल चौधरी, मेयर रमा खलखो, संगठन महामंत्री राजेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह, सांसद पीएन सिंह, विधायक राधा कृष्ण किशोर, अनंत ओझा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष जैलेंद्र कुमार, प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा, मो कमाल खां, प्रेम मित्तल, शिवपूजन पाठक समेत पार्टी के सांसद, विधायक व कई वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे.
झारखंड से समाप्त हो रिक्शा खींचने की प्रथा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री से झारखंड में आदमी द्वारा रिक्शा खींचने की प्रथा को समाप्त करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय के आदर्शो पर चलने वाली भाजपा समाज के अंतिम व्यक्ति के आंसू पोछने के सिद्धांत पर काम करती है. ऐसे में यहां भी रिक्शा खींचनेवाले के लिए चालक-पालक योजना बना कर इन्हें ई-रिक्शा दी जाये. इसके लिए केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता ली जा सकती है.
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