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नोट फॉर वोट मामले की मॉनीटरिंग करेगा कोर्ट

Updated at : 03 Feb 2015 9:14 AM (IST)
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नोट फॉर वोट मामले की मॉनीटरिंग करेगा कोर्ट

हाइकोर्ट : डीजीपी को स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश रांची : हाइकोर्ट में सोमवार को रांची के मेयर चुनाव के दौरान हुए नोट फॉर वोट मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की दलील […]

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हाइकोर्ट : डीजीपी को स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश
रांची : हाइकोर्ट में सोमवार को रांची के मेयर चुनाव के दौरान हुए नोट फॉर वोट मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की दलील को अस्वीकार करते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को प्रत्येक माह अनुसंधान की प्रगति की जानकारी देने का निर्देश दिया. आठ मार्च तक नोट फॉर वोट मामले में जारी अनुसंधान से संबंधित लेटेस्ट स्टेट्स रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया.
सरकार से पूछा कि जांच की गति धीमी क्यों है. आरोपियों के खिलाफ चाजर्शीट दायर कर दी गयी है. यदि जांच के बाद दोबारा जांच की जरूरत होगी, तो कोर्ट उस पर भी विचार करेगा. मामले की अगली सुनवाई नौ मार्च को होगी. खंडपीठ ने मामले की मॉनीटरिंग करने का निर्णय लेते हुए कहा कि यह मामला हाइ प्रोफाइल है. इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती है. डीजीपी प्रत्येक माह अपने स्तर पर मॉनीटरिंग कर कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे.
खंडपीठ ने कहा कि प्रार्थी का कहना है कि मामले के अनुसंधानकर्ता डीएसपी पीएन सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं. अनुसंधान के दौरान ही उनका स्थानांतरण किया गया था. खुद अनुसंधानकर्ता (सेवानिवृत्त) ने डीजीपी को पत्र लिख कर इस बात की जानकारी दी थी कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी की ओर से आरोपियों को बचाने के लिए दबाव डाला जा रहा है. धुर्वा में हुई बैठक में अनुसंधानकर्ता को भी बुलाया गया. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने खंडपीठ को बताया कि मामले की जांच धीमी गति से की जा रही है. वर्ष 2013 से मामले की जांच हो रही है.
मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री सहित कई प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता होने के बावजूद उन्हें पुलिस द्वारा बचाया जा रहा है. तत्कालीन अनुसंधानकर्ता ने अपने सीनियर अधिकारियों के दबाव की लिखित जानकारी डीजीपी को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी. वर्तमान अनुसंधानकर्ता डीएसपी सनत सोरेन हैं. तीन आरोपियों के खिलाफ चाजर्शीट दायर की गयी है, लेकिन जांच अभी भी पूरा नहीं हो पाया है. वहीं राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार ने बताया कि मामले की जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पूरक चाजर्शीट दायर की गयी है.
मामले की जांच चल रही है. यह शीघ्र पूरा हो जायेगा. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी दीवान इंद्रनील सिन्हा व अन्य की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी है. कहा गया कि रांची के मेयर चुनाव के एक दिन पूर्व सात अप्रैल 2013 को गुप्त सूचना के आधार होटल सिटी पैलेस में छापेमारी की गयी थी, जिसमें 21.90 लाख रुपये पकड़े गये थे. बरामद रुपये प्रत्याशी रमा खलखो के समर्थकों के लिए थे. झारखंड राज्य चुनाव आयोग की ओर से मामले की जांच का निर्देश दिया गया. आयकर विभाग ने भी मामले की जांच की थी.
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