रांची: विभाजन से पहले एकीकृत बिहार में भी विकास नहीं हुआ. राज्य बनने के बाद उम्मीद जरूर जगी थी कि राज्य का विकास होगा, लेकिन जितनी उम्मीद थी उसके हिसाब से कुछ भी नहीं हुआ. राज्य का विकास नहीं हो सका इसके लिए सिर्फ सरकार ही दोषी नहीं है, हम भी इसके लिए बराबर की दोषी है. अभी तक स्थायी सरकार नहीं बनी, जिसका खामियाजा राज्य के लोगों को झेलना पड़ा. स्थायी सरकार से ही राज्य का विकास संभव हो सकता है, क्योंकि स्थायी सरकार पांच साल की होती है. सरकार के पास करने के लिए बहुत समय मिलता है. राज्य के हालात तभी बदल सकते हैं, जब सरकार में बैठे लोगों में कुछ करने की इच्छा शक्ति हो. जनप्रतिनिधियों को सिर्फ विकास की सोच रख कर काम करना होगा. डॉ राकेश अग्रवाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ.
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स्थायी सरकार से ही विकास संभव (आपकी राय)
रांची: विभाजन से पहले एकीकृत बिहार में भी विकास नहीं हुआ. राज्य बनने के बाद उम्मीद जरूर जगी थी कि राज्य का विकास होगा, लेकिन जितनी उम्मीद थी उसके हिसाब से कुछ भी नहीं हुआ. राज्य का विकास नहीं हो सका इसके लिए सिर्फ सरकार ही दोषी नहीं है, हम भी इसके लिए बराबर की […]
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Prabhat Khabar Digital Desk
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