टीम को हो रही है परेशानी

Published at :26 Sep 2014 10:14 AM (IST)
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टीम को हो रही है परेशानी

कुडू (लोहरदगा). जंगली हाथियों को कुडू व चंदवा के क्षेत्र से भगाने के लिए चांडिल वन क्षेत्र से कुडू पहुंची टीम को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. हाथियों के आक्रमण का सामना करना पड़ रहा है. पिछले दो दिनों से लगातार अभियान चल रहा है, लेकिन हाथी क्षेत्र छोड़ने को तैयार नहीं […]

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कुडू (लोहरदगा). जंगली हाथियों को कुडू व चंदवा के क्षेत्र से भगाने के लिए चांडिल वन क्षेत्र से कुडू पहुंची टीम को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. हाथियों के आक्रमण का सामना करना पड़ रहा है. पिछले दो दिनों से लगातार अभियान चल रहा है, लेकिन हाथी क्षेत्र छोड़ने को तैयार नहीं है. बुधवार की रात आठ बजे से टीम ने हाथी भगाओ अभियान शुरू किया. तीन किमी बरवाटोली के जंगल तक हाथियों को ले गये. टीम अहले सुबह तीन बजे वापस लौटी. चार बजे हाथी भी लौट कर पथलाही, पथलकुदवा, दुधीमाटी के जंगल पहुंच गये. टीम को मकई के खेत घने जंगल परेशानी का कारण बने हुए हैं. मकई खेत में हाथी प्रवेश करते हैं तो टीम को घंटो मकई खेत से हाथी निकालने में लग जा रहा है. बुधवार को कुंदो वन क्षेत्र से हाथियों को खदेड़ने का काम शुरू किया गया. हाथियों ने शुरू में टीम पर आक्रामक रुख दिखाया. टीम पर दहाड़ने लगे, लेकिन चांडिल से पहुंची टीम ने डर कर हाथियों का मुकाबला किया. आधे घंटे बाद हाथी वापस जाने लगे. आधा किमी बाद हाथी मकई खेत में प्रवेश कर गये. इससे टीम को भारी परेशानी हुई, दो दिनों बाद भी हाथी को भगाना तो दूर कुंदो से दो किमी दूर भी नहीं खदेड़ पाये हैं. नहीं मिल रहा रास्ता : भोला महतो चांडिल रेंज से हाथी भगाने कुडू पहुंचे टीम के लीडर भोला महतो ने बताया कि हाथियों पर काबू पा लिया गया है. हाथी टीम पर हमला कर रही है, लेकिन टीम हिम्मत नहीं हार रही है. हाथियों को ले जाने के लिए रास्ता नहीं मिल रहा है. रात्रि में ही अभियान चल सकता है. हाथियों का व्यवहार आक्रामक हो गया है. ग्रामीण जब तक सहयोग नहीं करेंगे रास्ता नहीं बतायेंगे हाथी क्षेत्र से नहीं जा सकता है. हथिनी गर्भवती है, परेशानी का कारण बच्चा : वनपाल कुडू वनपाल हरेंद्र कुमार ने बताया कि एक हथिनी गर्भवती है. हाथियों के झुंड में चार बच्चे पहले से मौजूद है. जब तक गर्भवती हथिनी बच्चा नहीं देगी, बच्चा चलने लायक नहीं होगी. हाथी भगाओ टीम को भारी परेशानी होगी. क्षेत्र में हाथियों को खाने के लिए धान, चावल, गेहूं, मकई मिल रहा है. जंगलों में हाथियों को चारा नहीं मिल रहा है. यही कारण है कि हाथी क्षेत्र छोड़ना नहीं चाह रहा है. टीम को इसलिए परेशानी हो रही है. निगरानी कर रही है डीएफओ लातेहार वन प्रमंडल पदाधिकारी ममता प्रियदर्शी, लोहरदगा वन प्रमंडल पदाधिकारी एके सिंह समेत कई रेंजर, वनपाल, वनरक्षी लगातार निगरानी कर रहे हैं. लातेहार डीएफओ बुधवार को देर शाम आठ बजे तक गोली में डटी रही. हाथी भगाओ टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश देती दिखी.

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