रांची : समग्र शिक्षा अभियान के लिए 2000 करोड़ से अधिक मांगेगा परियोजना

Updated at : 17 Feb 2020 9:08 AM (IST)
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रांची : समग्र शिक्षा अभियान के लिए 2000 करोड़ से अधिक मांगेगा परियोजना

रांची : झारखंड शिक्षा परियोजना ने वर्ष 2020-21 के लिए बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सभी जिलों से 20 फरवरी तक अपना बजट का ब्योरा देने को कहा गया है. इसके बाद राज्य स्तर पर बजट तैयार किया जायेगा. वित्तीय वर्ष 2020-21 में शिक्षा परियोजना द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के लिए […]

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रांची : झारखंड शिक्षा परियोजना ने वर्ष 2020-21 के लिए बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सभी जिलों से 20 फरवरी तक अपना बजट का ब्योरा देने को कहा गया है.
इसके बाद राज्य स्तर पर बजट तैयार किया जायेगा. वित्तीय वर्ष 2020-21 में शिक्षा परियोजना द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के लिए लगभग दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की मांग की जायेगी. राज्य के अधिकारी 17 मार्च को केंद्रीय मानव संसाधन विकास विभाग के अधिकारियों के समक्ष बजट प्रस्तुत करेंगे. बजट में पारा शिक्षकों के मानदेय बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार के समक्ष रखा जा सकता है.
बच्चों के पोशाक, किताब के लिए राशि का प्रावधान बजट में किया जायेगा. इसके अलावा राज्य के विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने के लिए केंद्र से राशि की मांग की जायेगी. प्रशिक्षण कार्यक्रम के भी बजट में राशि का प्रावधान किया जायेगा. समग्र शिक्षा अभियान के अलावा मध्याह्न भोजन योजना के लिए बजट तैयार किया जा रहा है.
35 लाख स्कूली बच्चों को बैग देने का निर्देश: राज्य में स्कूली बच्चों को बैग व पोशाक वितरण 20 फरवरी तक पूरा करने को कहा गया है. इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा सभी जिलों को दिशा-निर्देश दिया गया है. राज्य के 35 लाख स्कूली बच्चों को बैग दिया जा रहा है.
आपूर्तिकर्ता द्वारा बैग प्रखंड कार्यालय तक पहुंचाया गया है. सभी जिला शिक्षा अधीक्षक को 20 फरवरी तक बैग वितरण कर रिपोर्ट राज्य शिक्षा परियोजना कार्यालय को देने को कहा गया है. बैग वितरण को लेकर जिलों को पूर्व में भी दिशा-निर्देश दिया गया था. बैग वितरण की प्रक्रिया विभिन्न जिलों में चल रही है. इसे 20 फरवरी तक पूरा करने को कहा गया है.
स्कूल बैग पर आपूर्तिकर्ता द्वारा एक वर्ष की वारंटी दी गयी है. यदि एक वर्ष के अंदर बैग में किसी प्रकार का डिफेक्ट पाया जाता है, तो संबंधित आपूर्तिकर्ता द्वारा 15 दिनों के अंदर बैग बदला जायेगा. राज्य के कक्षा एक से आठ तक सरकारी विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों को सरकार की ओर से नि:शुल्क स्कूल बैग दिया जा रहा है. स्कूल बैग अब दो वर्ष में एक बार दिया जायेगा. वर्तमान में बच्चों को दिया जाने वाला बैग वर्ष 2020 व 2021 के लिए दिया गया है. अब बच्चों को वर्ष 2022 में बैग दिया जायेगा.
पोशाक वितरण की भी मांगी रिपोर्ट
शिक्षा परियोजना ने 20 फरवरी तक सभी जिलों से पोशाक, स्वेटर व जूता-मोजा वितरण की रिपोर्ट देने को कहा है. इस संबंध में परियोजना द्वारा पूर्व में भी सभी जिलों को दिशा-निर्देश दिया गया था.
जिन विद्यार्थियों का बैंक खाता खुल गया है, उन्हें डीबीटी के माध्यम से और जिनका बैंक खाता नहीं खुला है उन्हें एसएसजी या विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से पोशाक उपलब्ध कराने को कहा गया था. एपीएल बच्चों को राज्य सरकार की ओर से पोशाक, स्वेटर व जूता-मोजा दिया जाता है. जबकि, बीपीएल बच्चों को समग्र शिक्षा अभियान के तहत पोशाक, स्वेटर व जूता-मोजा दिया जाता है. शिक्षा परियोजना ने दोनों के लिए एक साथ राशि देने को कहा है.
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