तेजस्विनी योजना के तहत 10 लाख लड़कियां जुड़ीं, सभी की होगी हीमोग्लोबिन जांच

Published at :17 Feb 2020 5:50 AM (IST)
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तेजस्विनी योजना के तहत 10 लाख लड़कियां जुड़ीं, सभी की होगी हीमोग्लोबिन जांच

स्वस्थ व कुपोषण मुक्त रखने के लिए बनाया जायेगा बॉडी मास इंडेक्स कार्ड रांची : राज्य के 17 जिलों में 14 से 24 वर्ष तक उम्र वाली करीब 10 लाख किशोरी व युवतियां चिह्नित की गयी हैं. इन सबको समाज कल्याण विभाग की तेजस्विनी योजना से जोड़ा गया है. स्वस्थ व कुपोषण मुक्त रखने के […]

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स्वस्थ व कुपोषण मुक्त रखने के लिए बनाया जायेगा बॉडी मास इंडेक्स कार्ड

रांची : राज्य के 17 जिलों में 14 से 24 वर्ष तक उम्र वाली करीब 10 लाख किशोरी व युवतियां चिह्नित की गयी हैं. इन सबको समाज कल्याण विभाग की तेजस्विनी योजना से जोड़ा गया है.

स्वस्थ व कुपोषण मुक्त रखने के लिए इन सभी लड़कियों की हीमोग्लोबिन जांच होगी तथा सबका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआइ) कार्ड बनाया जायेगा. विभाग के तहत संचालित संस्था झारखंड महिला विकास समिति स्वास्थ्य विभाग को इसका प्रस्ताव भेजेगी. तेजस्विनी योजना का मकसद लड़कियों को स्कूली शिक्षा, वित्तीय साक्षरता तथा कुपोषण व स्वच्छता सहित जीवन कौशल संबंधी प्रशिक्षण देना तथा इन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है.

वहीं इन लड़कियों को बाल विवाह, घरेलू हिंसा व मानव तस्करी से जुड़े पहलुअों की जानकारी भी दी जायेगी. पारंपरिक अर्थों में यह किशोरियों व युवतियों के सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक सशक्तीकरण की योजना है. विश्व बैंक के सहयोग से संचालित इस पांच वर्षीय योजना के लिए बैंक ने 540 करोड़ रुपये ऋण दिये हैं. वहीं राज्य का योगदान 162 करोड़ रुपये का है.

क्या है योजना : इसके तहत सभी 10 लाख लड़कियों को स्वास्थ्य व पोषण, वित्तीय साक्षरता तथा उनके अधिकार व संरक्षण संबंधी प्रशिक्षण दिया जायेगा. करीब 15 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान लड़कियों को विषम परिस्थितियों में लड़ने व जुझारूपन के भी टिप्स दिये जायेंगे.

सभी 10 लाख लड़कियों में से किसी कारणवश या मजबूरी में स्कूल छोड़ चुकी 50 हजार किशोरियों व युवतियों को अोपेन स्कूलिंग के माध्यम से अाठवीं-10वीं क्लास तक की शिक्षा दी जायेगी. वहीं दो लाख लड़कियों में बाजार की मांग के अनुरूप कौशल विकसित किया जायेगा. इन दो लाख में से 50 हजार को व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा शेष डेढ़ लाख को बिजनेस स्किल देना है. यानी 50 हजार कहीं काम कर सकेंगी. वहीं डेढ़ लाख स्वरोजगार से जुड़ सकेंगी.

12,738 तेजस्विनी क्लब : इस योजना के तहत दो आंगनबाड़ी क्षेत्र में एक तेजस्विनी क्लब बनना है. एेसे कुल 12,738 क्लबों में ही सभी 10 लाख लड़कियां निबंधित हैं. यहां किशोरियों व युवतियों को उनके लिए चिह्नित सभी क्षेत्रों का 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इनमें जीवन कौशल सहित बाजार की मांग के अनुरूप कौशल विकास का प्रशिक्षण भी शामिल है. आठ क्लब को मिला कर एक तेजस्विनी केंद्र बनेगा, जहां इंटरनेट युक्त कंप्यूटर, लघु पुस्तकालय तथा खेल व मनोरंजन सामग्री उपलब्ध होगी.

इन जिलों में चल रही योजना

रामगढ़, दुमका, खूंटी, चतरा, देवघर, बोकारो, धनबाद, पलामू, गोड्डा, लातेहार, कोडरमा, जामताड़ा, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, पाकुड़ व पूर्वी सिंहभूम.

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