रांची :लाइब्रेरियन के इंतजार में 1.80 लाख किताबें

Updated at : 23 Jan 2020 9:34 AM (IST)
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रांची :लाइब्रेरियन के इंतजार में 1.80 लाख किताबें

रांची : रांची विश्वविद्यालय के 22 पीजी विभागों में लगभग 1 लाख 80 हजार किताबें हैं, लेकिन उन्हें व्यवस्थित रखने के लिए एक भी लाइब्रेरियन नहीं है. बीते कई वर्षों से पीजी विभागों के लाइब्रेरियन सेवानिवृत्त होते गये और लाइब्रेरी वीरान होती चली गयी. आलम यह है कि कुछ विभागों की लाइब्रेरी कई-कई दिनों तक […]

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रांची : रांची विश्वविद्यालय के 22 पीजी विभागों में लगभग 1 लाख 80 हजार किताबें हैं, लेकिन उन्हें व्यवस्थित रखने के लिए एक भी लाइब्रेरियन नहीं है. बीते कई वर्षों से पीजी विभागों के लाइब्रेरियन सेवानिवृत्त होते गये और लाइब्रेरी वीरान होती चली गयी. आलम यह है कि कुछ विभागों की लाइब्रेरी कई-कई दिनों तक नहीं खुलती हैं. नतीजतन किताबों का बेहतर तरीके से रख-रखाव तक नहीं हो रहा है. जबकि कुछ विभागों में पुराने साहित्य भी रखे हुए हैं, जिन्हें संभालने की सख्त जरूरत है.
जानकारी के मुताबिक करीब 15 सालों में एक भी लाइब्रेरियन की नियुक्ति नहीं की गयी है. वहीं, दूसरी ओर जियोलॉजी विभाग में आठ से 10 हजार किताबें हैं. इन किताबों की देखरेख के लिए एक आदमी को रखा गया है. उसका काम केवल किताबों का रख-रखाव करना है और विद्यार्थियों को मुहैया करवाना है.एक से बढ़कर एक पुरानी किताबें हैं
संस्कृत विभाग की लाइब्रेरी सबसे ज्यादा व्यवस्थित है, जो हमेशा विद्यार्थियों के लिए खुली रहती है. यहां एक से एक पुरानी किताबों का संग्रह है. जिसमें 1930 की सबसे पुरानी किताब संस्कृत का ड्रामा मुद्राराक्षस रखा गया है. इसके अलावा जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में 1966 की लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया को सहेज कर रखा गया है. वहीं नागपुरी कला संगम की 1989 की स्मारिका भी रखी हुई है. हिंदी विभाग में भी कई साहित्यकारों की किताबें सुरक्षित रखी गयी हैं.
कुछ विभागों में शिक्षक और कर्मचारी ही करते हैं रख-रखाव
पीजी हिंदी विभाग में 21 हजार किताबें : सबसे अधिक किताबें पीजी हिंदी विभाग में हैं. यहां किताबों की संख्या लगभग 21 हजार है. लेकिन यहां भी लाइब्रेरियन नहीं होने के कारण ये किताबें विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पाती हैं. रिसर्च स्कॉलर और शिक्षकों द्वारा ही रख-रखाव किया जाता है, जिससे किताबों का अस्तित्व अभी तक बचा हुआ है. हालांकि, यहां किताबों का लेखा-जोखा भी रजिस्टर में रखा गया है.
किस विभाग में कितनी किताबें
टीआरएल 10,000
कॉमर्स 1000
राजनीति विज्ञान 1500
फिलॉसफी 5000
इकोनॉमिक्स 7000
हिस्ट्री 15,000
सोशियोलॉजी 3500
एंथ्रोपोलॉजी 8500
साइकोलॉजी 7500
बांग्ला 13,000
संस्कृत 7500
उर्दू 16,500
हिंदी 21,000
इंग्लिश 8500
केमेस्ट्री 6500
फिजिक्स 8500
बॉटनी 8000
जूलॉजी 3500
जियोलॉजी 8500
मैथ्स 6500
ज्योग्राफी 5000
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